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'मेरा कोई हाथ नहीं': विधानसभा अध्यक्ष के कार्यक्रम में जमीन पर बैठे विधायक, प्रशासन पर लगाया आरोप
Sat, 31 Aug 2024 09:23 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बालोद
अमर उजाला ब्यूरो, बालोद
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 31 Aug 2024 09:23 PM IST
सार
विधायक कुमार सिंह निषाद ने कहा कि यहां पर मेरी जनता का अपमान हुआ है। मेरे कार्यकर्ताओं का अपमान हुआ है। केवल यहां पर तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है। स्थानीय विधायक होने के नाते मुझे कार्ड में स्थान देना चाहिए था।
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जमीन पर बैठे विधायक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बालोद जिले में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ग्राम कुर्दी में विभिन्न निर्माण कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे हुए थे। यहां पर 111 फीट तिरंगा ध्वज स्तंभ एवं अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नए भवन की सौगात दी गई।
परंतु इस कार्यक्रम में विधायक कुंवर सिंह निषाद जमीन पर बैठे हुए नजर आए और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि इस गांव में जो निर्माण कार्य हुए हैं। उसमें कुछ लागत मेरा भी है और मेरी ही अपेक्षा की गई। मुझे पूछा तक नहीं गया। कार्ड में मेरा नाम भी नहीं छपा है। इसलिए हमारे विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष जी आए हैं तो उनके सम्मान में हम कार्यक्रम में पहुंचे हैं। परंतु हमारा जगह यही है।
तुष्टिकरण की राजनीति
विधायक कुमार सिंह निषाद ने कहा कि यहां पर मेरी जनता का अपमान हुआ है। मेरे कार्यकर्ताओं का अपमान हुआ है। केवल यहां पर तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है। स्थानीय विधायक होने के नाते मुझे कार्ड में स्थान देना चाहिए था। मुझे मंच पर स्थान देना चाहिए था। परंतु नहीं दिया गया। आपको बता दें कि जब कुंवर सिंह निषाद का नाम दिया गया तो वह मंच पर स्वागत के लिए पहुंचे। परंतु बीजेपी नेताओं ने उन्हें मनाने और बैठने की कोशिश की पर भी नहीं माने और वापस मन से नीचे उतरकर जनता के बीच जाकर बैठ गए।
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अधिकारी के साथ तू-तू मैं-मैं
जब विधायक कुंवर से निषाद जमीन पर बैठे हुए थे तो विधायक को मनाने के लिए एसडीम सुरेश साहू मौके पर पहुंचे। परंतु उन्होंने कहा कि आपने प्रोटोकॉल तोड़ा है। आपने एक विधायक का अपमान किया है। आपने मुझे निमंत्रण भी नहीं भेजा कार्ड में मेरा नाम छपवाना तक उचित नहीं समझा। मेरे क्षेत्र की जनता है। इसलिए मैं यहां पर आया हूं। जिसके जवाब में एसडीम सुरेश साहू ने विधायक को कहा कि कार्ड छापने में मेरा कोई हाथ नहीं है और कार्ड किसने छाप मुझे नहीं पता और मैं आपको स्वयं निमंत्रण देने के लिए पहुंचा हुआ था।
पूर्ववर्ती सरकार का काम
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि यह काम पूर्ण भारती सरकार का है और कुछ राशि मेरा भी है और विधायक को ही नहीं पता कि यहां पर इतना बड़ा आयोजन होने वाला है जिसके कारण मुझे आज यहां पर जमीन पर बैठना पड़ रहा है। प्रशासन यहां पर एजेंट के रूप में काम कर रही है और मेरी लड़ाई यहां के जिला प्रशासन से है जिन्होंने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया है।
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परंतु इस कार्यक्रम में विधायक कुंवर सिंह निषाद जमीन पर बैठे हुए नजर आए और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि इस गांव में जो निर्माण कार्य हुए हैं। उसमें कुछ लागत मेरा भी है और मेरी ही अपेक्षा की गई। मुझे पूछा तक नहीं गया। कार्ड में मेरा नाम भी नहीं छपा है। इसलिए हमारे विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष जी आए हैं तो उनके सम्मान में हम कार्यक्रम में पहुंचे हैं। परंतु हमारा जगह यही है।
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तुष्टिकरण की राजनीति
विधायक कुमार सिंह निषाद ने कहा कि यहां पर मेरी जनता का अपमान हुआ है। मेरे कार्यकर्ताओं का अपमान हुआ है। केवल यहां पर तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है। स्थानीय विधायक होने के नाते मुझे कार्ड में स्थान देना चाहिए था। मुझे मंच पर स्थान देना चाहिए था। परंतु नहीं दिया गया। आपको बता दें कि जब कुंवर सिंह निषाद का नाम दिया गया तो वह मंच पर स्वागत के लिए पहुंचे। परंतु बीजेपी नेताओं ने उन्हें मनाने और बैठने की कोशिश की पर भी नहीं माने और वापस मन से नीचे उतरकर जनता के बीच जाकर बैठ गए।
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अधिकारी के साथ तू-तू मैं-मैं
जब विधायक कुंवर से निषाद जमीन पर बैठे हुए थे तो विधायक को मनाने के लिए एसडीम सुरेश साहू मौके पर पहुंचे। परंतु उन्होंने कहा कि आपने प्रोटोकॉल तोड़ा है। आपने एक विधायक का अपमान किया है। आपने मुझे निमंत्रण भी नहीं भेजा कार्ड में मेरा नाम छपवाना तक उचित नहीं समझा। मेरे क्षेत्र की जनता है। इसलिए मैं यहां पर आया हूं। जिसके जवाब में एसडीम सुरेश साहू ने विधायक को कहा कि कार्ड छापने में मेरा कोई हाथ नहीं है और कार्ड किसने छाप मुझे नहीं पता और मैं आपको स्वयं निमंत्रण देने के लिए पहुंचा हुआ था।
पूर्ववर्ती सरकार का काम
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि यह काम पूर्ण भारती सरकार का है और कुछ राशि मेरा भी है और विधायक को ही नहीं पता कि यहां पर इतना बड़ा आयोजन होने वाला है जिसके कारण मुझे आज यहां पर जमीन पर बैठना पड़ रहा है। प्रशासन यहां पर एजेंट के रूप में काम कर रही है और मेरी लड़ाई यहां के जिला प्रशासन से है जिन्होंने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया है।