सातवीं की छात्रा ने पास की 10वीं: छत्तीसगढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार; CGBSE में नसगिस को मिले 90.50% अंक
नरगिस स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल बालोद में छठी कक्षा की छात्रा हैं। उसे हर कक्षा में 99 प्रतिशत अंक मिलते हैं। इतना ही नहीं वह 10वीं कक्षा के गणित को आसानी से हल कर सकती हैं धाराप्रवाह अंग्रेजी भी बोलती है।
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छत्तीसगढ़ के बालोद की रहने वाली छात्रा नरगिस को 10वीं छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा (CGBSE) में 90.50 प्रतिशत अंक मिले हैं। नरगिस सातवीं कक्षा की छात्रा है और उसने 10वीं बोर्ड की परीक्षा दी थी। इन दोनों ही परीक्षाओं को नरगिस ने एक ही सत्र में पास किया है। इसके लिए राज्य सरकार से विशेष आवेदन किया गया था। इसके अलावा 12वीं की परीक्षा में जिले की दिव्या साहू ने 96.4 प्रतिशत के साथ प्रदेश में पांचवां और निशांत देशमुख ने 96.2 प्रतिशत के साथ छठवां स्थान हासिल किया है। इन सभी को लेकर विधायक संगीता सिन्हा गुरुवार को सीएम भूपेश बघेल से मिलवाने के लिए पहुंची थीं।
आत्मानंद में पढ़ती है नरगिस
नरगिस खान आत्मानंद स्कूल में पढ़ती हैं। उनके पिता फिरोज खान ने बताया कि दो साल पहले कोरोना काल में हमने देखा कि ज्यादातर पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से हो रही है। उनकी बेटी अपनी कक्षा से अधिक बड़ी कक्षाओं के सवालों में भी मदद कर रही है। इसके बाद बेटी ने दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने की इच्छा जाहिर की। उसकी हिम्मत को देखते हुए प्रयास शुरू किया और शासन से अर्जी लगाई। इसके बाद आईक्यू टेस्ट के लिए बुलाया गया। उसमें बेटी नरगिस ने बाजी मारी और सातवीं के साथ-साथ 10वीं की बोर्ड परीक्षा भी अच्छे अंको से उत्तीर्ण कर गई।
अपने प्रदर्शन से असंतुष्ट
नरगिस ने बताया कि दसवीं की परीक्षा में बैठना काफी चैलेंजिंग था। उसने 0इस चैलेंज को पूरा किया। बताया कि इसके लिए नरगिस ने कम से कम 98% से परीक्षा उत्तीर्ण करने का लक्ष्य रखा था लेकिन, 90.50 प्रतिशत तक सिमट कर रह गई। हालांकि नरगिस ने कहा कि, वह अपने इस परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह ऐसा पहला मामला है, जब इसको लेकर किसी छात्र या छात्रा को ऊपरी कक्षा की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई और वह इतने बेहतर परिणाम लेकर आई। नरगिस का कहना है कि उसका लक्ष्य 11वीं और 12वीं में गणित लेकर पढ़ने का है। वह सबसे कम उम्र की यूपीएससी टॉपर भी बनना चाहती हैं।
टॉपर्स के साथ CM से मिलवाने पहुंची विधायक
रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बालोद जिले के इन टॉपर से मिलने के बाद काफी खुशी जताई। कहा कि, उन्हें गर्व है कि बालोद जिले में इतनी अच्छी प्रतिभा वाले बच्चे रहते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों की तारिफ करते हुऐ उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। साथ ही आश्वासन दिया है कि बच्चों के पढाई की हर जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बच्चों की हौंसला अफजाई की और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विधायक संगीता सिन्हा बताया कि हम सब ऐसे बच्चों की मेहनत को हमेशा सलाम करते हैं। दिव्या ने सीमित संसाधनों के बीच अपनी माता की मेहनत को देखा, उसका सम्मान किया और आज इस मुकाम पर पहुंच गई है कि पूरे प्रदेश में उसके नाम की चर्चा हो रही है। हमें ऐसे बेटियों पर गर्व होता है। वहीं निशांत देशमुख ने भी अपना परचम लहराया है। विधायक संगीता सिन्हा बताती हैं कि, सातवीं में रहते हुए 13 वर्ष की उम्र में नरगिस ने 10वीं बोर्ड की परीक्षा उत्तीर्ण कर पूरे प्रदेश का नाम रौशन किया है।