फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Balod News ›   IAS Kuldeep Sharma motivated by having lunch with the CGBSE toppers in balod

Lunch With IAS: कलेक्टर ने CGBSE टॉपर्स के साथ किया लंच; कहा- एक-दो नंबर हमारा व्यक्तित्व नहीं तय कर सकते

Fri, 26 May 2023 05:50 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Fri, 26 May 2023 05:50 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा की टॉपर रही दिव्य साहू ने बताया कि, मैं कलेक्टर बनने का सपना देख रही हूं और इसकी शुरुआत आज कलेक्टर के साथ लंच करके हुई है। मैं बहुत एक्साइटेड हूं। आज उनके साथ समय बिता कर मुझे बहुत अच्छा लगा है। 

विज्ञापन
IAS Kuldeep Sharma motivated by having lunch with the CGBSE toppers in balod
बालोद कलेक्टर ने बच्चों के साथ लंच कर बांटे अपने अनुभव। - फोटो : संवाद

विस्तार

'मैं 10 वी में पढ़ाई में कमजोर था। 11वीं में गया तो मुझसे ज्यादा 80 से अधिक प्रतिशत वाले बच्चे थे, पर मैने हार नहीं मानी। आगे बढ़ता गया। फिर UPSC क्लीयर किया और उच्च प्रतिशत वाले बच्चे पीछे हो गए। असफलता या एक-दो नंबर हमारा व्यक्तित्व नहीं तय कर सकते। लोग आपके सपनों का मजाक बनाएंगे, लेकिन तटस्थ रहना है।' ये कहना है कि IAS और छत्तीसगढ़ में बालोद जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा का। उन्होंने शुक्रवार को CGBSE (छत्तीसगढ़ बोर्ड) के टॉपर्स को कलेक्ट्रेट सभागार बुलाया, साथ में लंच किया और अपने अनुभव भी उनके साथ बांटे। 

विज्ञापन




लोग सपनों का मजाक बनाएंगे, पर तटस्थ रहना
बच्चों, उनके पैरेंट्स और शिक्षकों के साथ लंच की टेबल पर बैठे कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने अपने जीवन की सच्चाइयों, अनुभवों से उन्हें रूबरू कराया। बच्चों को प्रोत्साहित किया। इस दौरान पांच बच्चों ने बताया है कि उन्हें भी आईएएस बनना है। इस पर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कहा कि, मैं छत्तीसगढ़ में हूं और इस कुर्सी पर अभी मैं बैठा हूं। उसी कुर्सी पर मैं आप सभी को 10 साल बाद देखना चाहता हूं। असली कठिनाई तो अब आएगी। आपको बेहतर डिसीजन लेने होंगे। लोग आपके सपनों को लेकर मजाक उड़ाएंगे, लेकिन आपको तटस्थ रहकर अपने लक्ष्य में आगे बढ़ाना है। प्रतिशत कोई मायने नहीं रखता।
विज्ञापन




अब शुरू होगी असली मेहनत
कलेक्टर शर्मा ने कहा कि असफलता या एक दो नंबर हमारा जीवन और हमारा व्यक्तित्व तय नहीं करता। हमारा व्यक्तित्व सदैव ऐसा ही रहना चाहिए जैसा आज है। फिर परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों। हम जब अध्ययन करते हैं, तब हमारा व्यक्तित्व जैसा है और परिणाम आने के बाद हमारा व्यक्तित्व क्या बन जाता है, यह हमारे ऊपर निर्भर करता है। जब मैं पढ़ता था, तब भी वैसा ही था और आज जब कलेक्टर बन गया हूं तब भी मैं वैसा ही हूं। आईएएस शर्मा ने कहा कि, आज हम बेहतर ढंग से आपके साथ बैठकर भोजन कर पा रहे हैं यह होती है सिविल सर्विसेज की क्षमताएं। 
विज्ञापन
विज्ञापन




जब सिविल सर्विसेज में होते हैं, तो बहुत अच्छा अनुभव होता है
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कहा कि आज हम दो रुपये किलो गोबर से लेकर सारे इंफ्रास्ट्रक्चर चाहे 200 करोड़ के क्यों ना हो, उसका काम देख रहे हैं। यह होती है पावर। हम जब सिविल सर्विसेज में होते हैं तो बहुत अच्छा अनुभव होता है। आप सब सिविल सर्विसेस को लेकर बेहद जागरूक हैं, सतर्क हैं और सपना संजोए बैठे हैं। ये हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है। फिलहाल बालोद जिले के इतिहास में ऐसा नजारा पहली बार देखने को मिला, जब कलेक्ट्रेट सभागार में बच्चों के लिए टेबल लगे। बच्चों ने कलेक्टर के साथ बैठकर भोजन किया और अफसर ने अपने अनुभवों को उनसे साझा किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed