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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विज्ञान और वाणिज्य शिक्षा को बढ़ावा:आर्यभट्ट योजना से SC-ST विद्यार्थियों को अवसर

Fri, 16 Jan 2026 12:01 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Fri, 16 Jan 2026 12:01 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं वाणिज्य विषयों में शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेष पहल की जा रही है।

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Aryabhatta Scheme provides opportunities to SC/ST student study science and commerce in Naxal-affected areas
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विज्ञान और वाणिज्य शिक्षा को बढ़ावा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं वाणिज्य विषयों में शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेष पहल की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य न केवल इन विषयों के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाना है, बल्कि भविष्य में शिक्षकों की कमी को भी दूर करना है।
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इसी उद्देश्य से आर्यभट्ट विज्ञान-वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दुर्ग और जगदलपुर में 500-500 सीटर विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है।
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आदिम जाति विकास विभाग के अनुसार यह योजना वर्ष 2013-14 से संचालित की जा रही है। स्नातक स्तर पर गणित और विज्ञान विषय के लिए 80-80 सीटें तथा वाणिज्य के लिए 40 सीटें निर्धारित हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर विज्ञान के लिए 80 और वाणिज्य के लिए 20 सीटें स्वीकृत हैं। इसके अतिरिक्त बी.एड. कार्यक्रम के लिए 200 सीटें निर्धारित की गई हैं। कुल 500 सीटों में से 80 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
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योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को प्री-बी.एड. और टी.ई.टी. जैसी शिक्षक पात्रता परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में दुर्ग स्थित विज्ञान-वाणिज्य विकास केंद्र में 452 छात्राओं ने प्रवेश लिया, जबकि जगदलपुर केंद्र में 168 छात्रों ने नामांकन कराया। इस वर्ष विभिन्न पदों पर 49 विद्यार्थियों का चयन हुआ।
वर्ष 2024-25 में दुर्ग केंद्र में प्रवेशित छात्राओं की संख्या बढ़कर 473 और जगदलपुर केंद्र में छात्रों की संख्या 199 हो गई, जबकि 10 विद्यार्थियों का चयन विभिन्न पदों पर हुआ। वर्तमान सत्र 2025-26 में दुर्ग केंद्र में 477 विद्यार्थियों और जगदलपुर केंद्र में 275 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।


राज्य सरकार की इस पहल से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों में विज्ञान और वाणिज्य विषयों के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। साथ ही योग्य विद्यार्थियों को शिक्षक बनने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनके करियर के साथ-साथ सामाजिक विकास को भी मजबूती मिल रही है।
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