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छत्तीसगढ़: चिरमिरी के जगन्नाथ मंदिर का अद्भुत डिजाइन, उकेरी गई सुंदर प्रतिमाएं और वास्तुकला आकर्षण का केंद्र
Tue, 07 Jan 2025 06:53 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 07 Jan 2025 06:53 PM IST
सार
चिरमिरी विकासखंड में स्थित जगन्नाथ मंदिर एक अद्वितीय और आकर्षक स्थल है। यह मंदिर एक छोटे से पठार के ऊपर बनाया गया है और दिखने में विश्वविख्यात पूरी जगन्नाथ मंदिर के समान प्रतीत होता है।
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जगन्नाथ मंदिर, चिरमिरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी विकासखंड में स्थित जगन्नाथ मंदिर एक अद्वितीय और आकर्षक स्थल है। यह मंदिर एक छोटे से पठार के ऊपर बनाया गया है और दिखने में विश्वविख्यात पूरी जगन्नाथ मंदिर के समान प्रतीत होता है। अपनी सुंदर वास्तुकला और अद्वितीय डिज़ाइन के कारण यह मंदिर दर्शकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर एक आसानी से पहुंच योग्य पर्यटन स्थल है।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, जिसमें कई झरने, वन्यजीव अभ्यारण और मनोरंजन पार्क हैं। वहीं जगन्नाथ मंदिर अपनी अद्भुत डिजाइन और ऐतिहासिक महत्व के लिए पूरे राज्य में प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1982 में महंत गणपत परिमाराय द्वारा शुरू किया गया था और 2006 में प्राण-प्रतिष्ठा के साथ आम जनता को समर्पित किया गया।
यह मंदिर विशेष रूप से ओडिशा से आए उत्कल समाज के लोगों की भावना से जुड़ी हुई है, पूरी जगन्नाथ मंदिर के समान यहां भी एक मंदिर बनाने का संकल्प लिया। ताकी बार-बार पूरी जाने की जरूरत ना पडे़, इसी उद्देश्य से चिरमिरी में जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कराया गया। यह मंदिर चिरमिरी ब्लॉक के पोंडी नामक ग्राम में स्थित है। मंदिर की बाहरी दीवारों पर देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएँ उकेरी गई हैं, जो इसकी धार्मिक और कलात्मक महत्ता को बढ़ाती हैं। मुख्य प्रवेश द्वार पर भैरव बाबा और महावीर हनुमान जी की मूर्तियाँ स्थापित हैं, जो इसे धार्मिक दृष्टि से और भी पवित्र बनाती हैं। प्रवेश द्वार पर गरुड़ की मूर्ति स्थापित है, जो भगवान विष्णु के वाहन का प्रतीक है। गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की अद्भुत प्रतिमाएँ स्थापित हैं।
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मंदिर में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि, रथयात्रा (गुण्डिचा यात्रा) और दोनों नवरात्रों में भव्य मेला का आयोजन होता है। इन अवसरों पर विशेष पूजा-अर्चना, भंडारा और जसगीत का आयोजन किया जाता है। त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या यहाँ इकट्ठा होंते है यह जगन्नाथ मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में पहचान है। इसकी सुंदरता और अद्वितीय प्राकृतिक छटा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को दर्शाती है। चिरमिरी का जगन्नाथ मंदिर राज्य की समृद्धि, विविधता और धार्मिक आस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
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मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, जिसमें कई झरने, वन्यजीव अभ्यारण और मनोरंजन पार्क हैं। वहीं जगन्नाथ मंदिर अपनी अद्भुत डिजाइन और ऐतिहासिक महत्व के लिए पूरे राज्य में प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1982 में महंत गणपत परिमाराय द्वारा शुरू किया गया था और 2006 में प्राण-प्रतिष्ठा के साथ आम जनता को समर्पित किया गया।
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यह मंदिर विशेष रूप से ओडिशा से आए उत्कल समाज के लोगों की भावना से जुड़ी हुई है, पूरी जगन्नाथ मंदिर के समान यहां भी एक मंदिर बनाने का संकल्प लिया। ताकी बार-बार पूरी जाने की जरूरत ना पडे़, इसी उद्देश्य से चिरमिरी में जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कराया गया। यह मंदिर चिरमिरी ब्लॉक के पोंडी नामक ग्राम में स्थित है। मंदिर की बाहरी दीवारों पर देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएँ उकेरी गई हैं, जो इसकी धार्मिक और कलात्मक महत्ता को बढ़ाती हैं। मुख्य प्रवेश द्वार पर भैरव बाबा और महावीर हनुमान जी की मूर्तियाँ स्थापित हैं, जो इसे धार्मिक दृष्टि से और भी पवित्र बनाती हैं। प्रवेश द्वार पर गरुड़ की मूर्ति स्थापित है, जो भगवान विष्णु के वाहन का प्रतीक है। गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की अद्भुत प्रतिमाएँ स्थापित हैं।
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मंदिर में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि, रथयात्रा (गुण्डिचा यात्रा) और दोनों नवरात्रों में भव्य मेला का आयोजन होता है। इन अवसरों पर विशेष पूजा-अर्चना, भंडारा और जसगीत का आयोजन किया जाता है। त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या यहाँ इकट्ठा होंते है यह जगन्नाथ मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में पहचान है। इसकी सुंदरता और अद्वितीय प्राकृतिक छटा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को दर्शाती है। चिरमिरी का जगन्नाथ मंदिर राज्य की समृद्धि, विविधता और धार्मिक आस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।