छत्तीसगढ़: हादसे का शिकार हुए अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर में पहले भी आई थी तकनीकी खराबी, दो बार रमन सिंह थे इसमें सवार
राज्य सरकार के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि हेलिकॉप्टर के बाएं इंजन को एक बार ओवरहाल किया गया था और फिर ठीक से काम करना बंद होने के बाद इसे बदलना पड़ा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार का अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर जो गुरुवार रात रायपुर हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और जिसमें दो पायलटों की मौत हो गई थी, उसमें पहले भी तकनीकी समस्याएं आई थीं। एक अधिकारी के मुताबिक पहले भी इस हेलीकॉप्टर को तकनीकी समस्याओं का सामना करा पड़ा था। दो इंजन वाला 'एडब्ल्यू 109 पावर एलीट' हेलीकॉप्टर मुख्यमंत्री और मंत्रियों सहित वीआईपी को ले जाने का काम करता है। तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा 2007 में इसकी खरीद में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने के बाद अब यह फिर विवादों में घिर गया है।
दो अधिकारियों की हुई मौत
विशेष रूप से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए एक निजी हेलिकॉप्टर किराए पर लिया था और उन्होंने हाल ही में एक सार्वजनिक संपर्क अभियान के तहत कई जिलों का दौरा किया था। अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर गुरुवार रात करीब 9.10 बजे यहां स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। राज्य सरकार के वरिष्ठ पायलट कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा जो दिल्ली से आए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के परीक्षक कैप्टन एपी श्रीवास्तव के साथ रात का अभ्यास कर रहे थे और दुर्घटना में दोनों मारे गए।
राज्य सरकार के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि हेलिकॉप्टर के बाएं इंजन को एक बार ओवरहाल किया गया था और फिर ठीक से काम करना बंद करने के बाद इसे बदलना पड़ा था। इसके अलावा इसके दाहिने इंजन को भी दो बार, आखिरी बार 2017 में बदला गया था। उन्होंने कहा कि फरवरी 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह को लेकर उसी हेलिकॉप्टर ने तकनीकी खराबी का पता चलने के बाद रायपुर पुलिस लाइन हेलीपैड से टेक-ऑफ करने के कुछ ही मिनटों के भीतर एहतियाती लैंडिंग की थी।
अधिकारी ने कहा कि इससे पहले 2016 में जब रमन सिंह सुकमा जिले से राज्य की राजधानी के लिए उड़ान भर रहे थे, तो हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण अचानक झटका लगा और हवा के बीच में ऊंचाई कम हो गई। उन्होंने कहा कि इसी तरह मई 2016 में तत्कालीन राज्य मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को ले जा रहे उसी हेलिकॉप्टर को इंजन में खराबी मिलने के बाद एहतियातन उतरना पड़ा था।
दुर्घटना के बाद एक सरकारी प्रेस नोट में कहा गया है कि शुरुआती संकेतों में तकनीकी खराबी का कारण बताया गया है और सटीक कारण का पता लगाने के लिए डीजीसीए और राज्य सरकार द्वारा विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी। डीजीसीए की एक टीम जांच करने पहुंची है।
डीजीसीए ने रायपुर चॉपर हादसे की जांच शुरू की
रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर हेलिकॉप्टर हादसे की जांच नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शुरू कर दी है। इस हादसे में दो पायलट की मौत हो गई। डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकार ने कहा, डीजीसीए की टीम दुर्घटना स्थल पर है। हम इस दुर्भाग्यजनक घटना की जांच कर रहे हैं। नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट में कहा, रायपुर एयरपोर्ट पर स्टेट हेलीकॉप्टर के क्रैश होने के हादसे में हमारे दोनों पायलट कैप्टन जीके पंडा और कैप्टन एपी श्रीवास्तव का दुखद निधन हो गया है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति दें। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा, डीजीसीए और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है।