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CG News: पर्यटन स्थल सतरेंगा के पास सड़क पर दिखा 10 फिट का किंग कोबरा, लोग में दहशत,स्नेक कैचर ने किया रेस्क्यू
Wed, 24 Sep 2025 11:02 AM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 24 Sep 2025 11:02 AM IST
सार
कोरबा जिले में एक दिलचस्प घटना घटी जहां पर्यटकों ने एक 10 फीट लंबे किंग कोबरा को गाड़ी से दबने से बचाया। यह घटना अजगरबहार गांव के पास हुई जब पर्यटकों की नजर रोड पार कर रहे किंग कोबरा पर पड़ी।
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पर्यटन स्थल सतरेंगा के पास सड़क पर दिखा 10 फिट का किंग कोबरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरबा जिले में एक दिलचस्प घटना घटी जहां पर्यटकों ने एक 10 फीट लंबे किंग कोबरा को गाड़ी से दबने से बचाया। यह घटना अजगरबहार गांव के पास हुई जब पर्यटकों की नजर रोड पार कर रहे किंग कोबरा पर पड़ी। उन्होंने तुरंत गाड़ी रोक दी और वन विभाग को सूचित किया। वहीं देखते हैं देखते सड़क पर लोगों के भीड़ एकत्रित हो गई और कई लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया किसी ने भी किंग कोबरा के साथ छेड़छाड़ नहीं किया।
वन विभाग की टीम और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी ने मौके पर पहुंचकर किंग कोबरा को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया। इस ऑपरेशन में लगभग आधा घंटा लगा और किंग कोबरा ने अपना रौद्र रूप दिखाया। सफल रेस्क्यू के बाद किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
किंग कोबरा की लंबाई 20 फीट तक हो सकती है। यह सांप अन्य सांपों को खाकर जीवित रहता है और उनकी जनसंख्या नियंत्रित करता है। मादा किंग कोबरा अपने अंडों के लिए पत्तों का घोंसला बनाती है और लगभग 3 माह तक उसकी रक्षा करती है। किंग कोबरा वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत वर्ग-I में संरक्षित है। जिले में वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी लगातार जनजागरूकता और रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से इंसान और सांप के सह-अस्तित्व को बढ़ावा दे रहे हैं।
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वन विभाग की टीम और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी ने मौके पर पहुंचकर किंग कोबरा को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया। इस ऑपरेशन में लगभग आधा घंटा लगा और किंग कोबरा ने अपना रौद्र रूप दिखाया। सफल रेस्क्यू के बाद किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
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किंग कोबरा की लंबाई 20 फीट तक हो सकती है। यह सांप अन्य सांपों को खाकर जीवित रहता है और उनकी जनसंख्या नियंत्रित करता है। मादा किंग कोबरा अपने अंडों के लिए पत्तों का घोंसला बनाती है और लगभग 3 माह तक उसकी रक्षा करती है। किंग कोबरा वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत वर्ग-I में संरक्षित है। जिले में वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी लगातार जनजागरूकता और रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से इंसान और सांप के सह-अस्तित्व को बढ़ावा दे रहे हैं।
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