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छत्तीसगढ़: 82 किमी की बन रही मुख्य नहर, 120 गांव के किसान उठाएंगे फायदा, 28 हजार हेक्टेयर में होगी सिंचाई
Sun, 06 Apr 2025 02:44 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 06 Apr 2025 02:44 PM IST
सार
82 किलोमीटर लंबाई की मुख्य नहर का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे लगभग 28,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कुल 120 गांवों को लाभ मिलेगा।
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82 किमी की बन रही मुख्य नहर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजीव समौदा-निसदा डायवर्सन योजना (फेस-2) के अंतर्गत निर्माणाधीन ट्रफ एवं डीआरबी कार्य का मुख्य तकनीकी परीक्षक आर पुराम ने आज स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन एक्वाडक्ट की गुणवत्ता की नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग उपकरण से जांच की। साथ ही प्रयोगशाला परीक्षण के लिए सैंपल लिए। यह परीक्षण रायपुर स्थित प्रयोगशाला में किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान पुराम ने उक्त कार्य के संबंध में भू-अर्जन एवं वन स्वीकृति की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए, ताकि कार्य में अनावश्यक विलंब न हो।
मुख्य तकनीकी परीक्षक ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 82 किलोमीटर लंबाई की मुख्य नहर का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे लगभग 28,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कुल 120 गांवों को लाभ मिलेगा, जिनमें से 12 गांव आरंग ब्लॉक और 108 गांव बलौदाबाजार जिले के अंतर्गत आते हैं। यह नहर निसदा (आरंग) से प्रारंभ होकर ग्राम मुंडा (कसडोल) तक जाएगी।
राजीव समौदा-निसदा डायवर्सन योजना का मुख्य उद्देश्य महानदी मेन केनाल के जल को भाटापारा ब्रांच केनाल में डायवर्ट कर बलौदाबाजार एवं भाटापारा अंचल के गांवों को सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराना है। योजना की शुरुआत वर्ष 2005 में की गई थी, किंतु भू-अर्जन एवं वन स्वीकृति की प्रक्रिया में विलंब के कारण आज तक पूर्ण नहीं हो सकी है। पुराम ने इस योजना को अटल सिंचाई योजना (जो वर्तमान में बजट में प्रावधानित है) के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्राथमिकता देते हुए शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, जिससे कृषकों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि निरीक्षण की संपूर्ण रिपोर्ट संगठन द्वारा जारी की जाएगी, जिसका जवाब कार्यपालन अभियंता, द्वितीय चरण, रायपुर से 15 दिवस के भीतर प्राप्त किया जाएगा।
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मुख्य तकनीकी परीक्षक ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 82 किलोमीटर लंबाई की मुख्य नहर का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे लगभग 28,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कुल 120 गांवों को लाभ मिलेगा, जिनमें से 12 गांव आरंग ब्लॉक और 108 गांव बलौदाबाजार जिले के अंतर्गत आते हैं। यह नहर निसदा (आरंग) से प्रारंभ होकर ग्राम मुंडा (कसडोल) तक जाएगी।
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राजीव समौदा-निसदा डायवर्सन योजना का मुख्य उद्देश्य महानदी मेन केनाल के जल को भाटापारा ब्रांच केनाल में डायवर्ट कर बलौदाबाजार एवं भाटापारा अंचल के गांवों को सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराना है। योजना की शुरुआत वर्ष 2005 में की गई थी, किंतु भू-अर्जन एवं वन स्वीकृति की प्रक्रिया में विलंब के कारण आज तक पूर्ण नहीं हो सकी है। पुराम ने इस योजना को अटल सिंचाई योजना (जो वर्तमान में बजट में प्रावधानित है) के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्राथमिकता देते हुए शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, जिससे कृषकों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि निरीक्षण की संपूर्ण रिपोर्ट संगठन द्वारा जारी की जाएगी, जिसका जवाब कार्यपालन अभियंता, द्वितीय चरण, रायपुर से 15 दिवस के भीतर प्राप्त किया जाएगा।
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