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CG: सीजीएमएससी की दवाइयों को अस्पतालों में पहुंचाने वाले लगभग 70 वाहन अब अत्याधुनिक जीपीएस से हैं लैस
Fri, 25 Jul 2025 03:12 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 25 Jul 2025 03:12 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य में दवाइयों की गुणवत्तापूर्ण सप्लाई के लिए विधानसभा में ये घोषणा की थी कि सभी वाहनों को जीपीएस से लैस किया जाएगा ताकि उनकी सही लोकेशन और सही समय का हमेशा पता चलता रहे।
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70 वाहन अब अत्याधुनिक जीपीएस से हैं लैस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य में दवाइयों की गुणवत्तापूर्ण सप्लाई के लिए विधानसभा में ये घोषणा की थी कि सभी वाहनों को जीपीएस से लैस किया जाएगा ताकि उनकी सही लोकेशन और सही समय का हमेशा पता चलता रहे। स्वास्थ्य मंत्री की इस घोषणा पर अमल करते हुए सीजीएमएससी ने लगभग 70 वाहनों में अत्याधुनिक जीपीएस लगाया है। इसकी खासियत है कि जहां नेटवर्क नहीं रहता वहां लोकेशन और रूट को रिकॉर्ड कर ये बाद में दिखाता है। इससे गड़बड़ी या देरी की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल इन वाहनों की काम की कार्यशैली को जानने और देखने के लिए सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के और स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया के साथ नया रायपुर के सेक्टर 27 स्थित सीजीएमएससी कार्यालय पहुंचे और अवलोकन किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने वाहनों की गुणवत्ता, दवाइयों के स्टोरेज, वातानुकूलित व्यवस्था और मांगपत्र लेकर रवाना हो रहे ड्राइवरों की कार्य शैली को देखा। साथ ही वेबसाइट पर इस वाहनों की रियल टाइम लोकेशन भी देखी।
लिमिटेड दवाइयों की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वातानुकूलित सप्लाई चैन वाहनों के जरिए दवाइयों, कंज्यूमेबल समान और रीजेंट्स को पूरे राज्य में पहुंचाया जाता है। हर साल लगभग 1 हज़ार प्रकार की दवाएं और 6 सौ प्रकार के कंज्यूमेबल सामान तथा रीजेंट्स को पूरे राज्य में भेजा जाता है।
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इन वाहनों की खास बात है कि ये प्रोडक्ट क्वालिटी और दवाइयों की क्षमता को बरकरार रखते हैं। इसमें टेंपरेचर सेंसिटिव दवाइयों को अच्छे तरीके से रखा जाता है ताकि दवाइयों का टेंपरेचर नियंत्रण में रहे और वो खराब न हों। इनमें सुरक्षा के अनुसार दवाइयों का स्टोरेज होता है। इसकी वजह से प्राप्तकर्ता के पास सुरक्षित तरीके से दवाइयां पहुंचती हैं।
इन वाहनों के माध्यम से दवाइयों की सप्लाई करने से दवाइयों का जीवन बरकरार रहता है। इस दौरान गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होता है और बेहतर काम की वजह से सप्लायर और कस्टमर के रिश्ते को मजबूती मिलती है। सीजीएमएससी के इन वाहनों द्वारा वैक्सीनेशन और आपातकालीन कार्यक्रमों के संचालन में अहम भूमिका निभायी जाती है साथ ही राष्ट्रीय टीकाकरण और महामारी के दौरान त्वरित कार्य संपन्न करने में भी ये अहम भूमिका निभाते हैं।
सीजीएमएससी ने पारदर्शिता के लिए इसे अपने वेबपोर्टल से लिंक किया है ताकि कोई भी गाड़ियों की लोकेशन को देख सके। इस दौरान सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने राज्य में 16 वेयर हाउस की संख्या में इजाफा करते हुए इसे सभी जिलों में खोलने की मांग रखी जिस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कही है।
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स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल इन वाहनों की काम की कार्यशैली को जानने और देखने के लिए सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के और स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया के साथ नया रायपुर के सेक्टर 27 स्थित सीजीएमएससी कार्यालय पहुंचे और अवलोकन किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने वाहनों की गुणवत्ता, दवाइयों के स्टोरेज, वातानुकूलित व्यवस्था और मांगपत्र लेकर रवाना हो रहे ड्राइवरों की कार्य शैली को देखा। साथ ही वेबसाइट पर इस वाहनों की रियल टाइम लोकेशन भी देखी।
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लिमिटेड दवाइयों की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वातानुकूलित सप्लाई चैन वाहनों के जरिए दवाइयों, कंज्यूमेबल समान और रीजेंट्स को पूरे राज्य में पहुंचाया जाता है। हर साल लगभग 1 हज़ार प्रकार की दवाएं और 6 सौ प्रकार के कंज्यूमेबल सामान तथा रीजेंट्स को पूरे राज्य में भेजा जाता है।
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इन वाहनों की खास बात है कि ये प्रोडक्ट क्वालिटी और दवाइयों की क्षमता को बरकरार रखते हैं। इसमें टेंपरेचर सेंसिटिव दवाइयों को अच्छे तरीके से रखा जाता है ताकि दवाइयों का टेंपरेचर नियंत्रण में रहे और वो खराब न हों। इनमें सुरक्षा के अनुसार दवाइयों का स्टोरेज होता है। इसकी वजह से प्राप्तकर्ता के पास सुरक्षित तरीके से दवाइयां पहुंचती हैं।
इन वाहनों के माध्यम से दवाइयों की सप्लाई करने से दवाइयों का जीवन बरकरार रहता है। इस दौरान गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होता है और बेहतर काम की वजह से सप्लायर और कस्टमर के रिश्ते को मजबूती मिलती है। सीजीएमएससी के इन वाहनों द्वारा वैक्सीनेशन और आपातकालीन कार्यक्रमों के संचालन में अहम भूमिका निभायी जाती है साथ ही राष्ट्रीय टीकाकरण और महामारी के दौरान त्वरित कार्य संपन्न करने में भी ये अहम भूमिका निभाते हैं।
सीजीएमएससी ने पारदर्शिता के लिए इसे अपने वेबपोर्टल से लिंक किया है ताकि कोई भी गाड़ियों की लोकेशन को देख सके। इस दौरान सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने राज्य में 16 वेयर हाउस की संख्या में इजाफा करते हुए इसे सभी जिलों में खोलने की मांग रखी जिस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कही है।