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13 साल बाद सुकमा के नक्सल प्रभावित गांवों में खुले स्कूल
Tue, 25 Jun 2019 04:15 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, रायपुर
एजेंसी, रायपुर
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 25 Jun 2019 04:15 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के दूरदराज के गांवों में 13 साल बाद स्कूलों को खोला गया। बस्तर क्षेत्र के अतिसंवेदनशील इलाके जगरगुंडा में 13 वर्षों से बंद पड़े हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों को सोमवार को फिर से खोला गया। पहले दिन बड़ी तादाद में छात्र भी पहुंचे और पढ़ाई-लिखाई का कामकाज शुरू हो गया।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने स्कूल भवन का उद्घाटन किया और इसके बाद बच्चों को किताबें व पढ़ाई की जरूरी अन्य सामग्रियां बांटी गईं। हायर सेकेंडरी स्कूल, बालक आश्रमशाला, बालक और कन्या छात्रावास के शुभारम्भ से 24 जून को छत्तीसगढ़ के स्कूल चलें हम अभियान की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर चंदन कुमार भी मौजूद थे। 2006 से पहले जगरगुंडा मुख्य वाणिज्यिक केंद्र था। लेकिन 13 साल पहले स्कूल भवन को आईईडी ब्लास्ट से उड़ा दिया गया था। तब से यहां पढ़ाई बंद थी। लेकिन अब सरकार ने नए सिरे से भवन बनाकर फिर से यहां पढ़ाई शुरू करवाने की कवायद की है।
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इस मौके पर छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने स्कूल भवन का उद्घाटन किया और इसके बाद बच्चों को किताबें व पढ़ाई की जरूरी अन्य सामग्रियां बांटी गईं। हायर सेकेंडरी स्कूल, बालक आश्रमशाला, बालक और कन्या छात्रावास के शुभारम्भ से 24 जून को छत्तीसगढ़ के स्कूल चलें हम अभियान की शुरुआत की गई।
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इस अवसर पर जिला कलेक्टर चंदन कुमार भी मौजूद थे। 2006 से पहले जगरगुंडा मुख्य वाणिज्यिक केंद्र था। लेकिन 13 साल पहले स्कूल भवन को आईईडी ब्लास्ट से उड़ा दिया गया था। तब से यहां पढ़ाई बंद थी। लेकिन अब सरकार ने नए सिरे से भवन बनाकर फिर से यहां पढ़ाई शुरू करवाने की कवायद की है।
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