राजनीति कोई दुकान नहीं है, जिसमें नफा और नुकसान देखा जाता है: अभय सिंह चौटाला

Amarujala Local Bureau न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2020 01:14 PM IST
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अभय सिंह चौटाला (फाइल फोटो)
अभय सिंह चौटाला (फाइल फोटो) - फोटो : ani

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बरोदा में कांग्रेस और भाजपा दोनों मिल कर चुनाव लड़ रहे हैं। कहने को तो उन्होंने अलग-अलग प्रत्याशी उतार रखे हैं लेकिन आज दोनों पार्टियों की हालात ऐसी है कि भाजपा और कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, जिसको लेकर वो लोगों के बीच जा सकें।
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10 साल के हुड्डा के शासन और छह साल के भाजपा के शासन के बाद आज भी बरोदा में पीने के पानी की जैसी मूलभूत समस्याएं हैं, सडक़े टूटी पड़ी हैं, स्कूल में अध्यापक नहीं हैं और बीमार जनता के इलाज के लिए डिस्पेंसरी में डॉक्टर नहीं हैं। जहां इतने बुरे हालात हैं तो कैसे लोग उस सरकार को वोट डाल देंगे और कैसे उन्हे वोट देंगे, जिन्होंने केवल ‘‘मैं थारा और तुम मेरे’’ जैसा झूठा नारा देकर वोट लिए हैं।


आज बरोदा का चुनाव इस पर है कि किसने काम किया और किसने अनदेखी की ये बातें इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव एवं विधायक अभय सिंह चौटाला ने सोमवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही।
 
इनेलो नेता ने कहा कि वो ये तो नहीं कहते कि उन्होंने हर घर में एक नौकरी दी थी लेकिन जनता के लिए सार्वजनिक काम अगर किसी सरकार में हुए हैं तो वो ओम प्रकाश चौटाला के (2000-2005) शासन काल में हुए हैं, उनके समय में बरोदा में रजबाहों का निर्माण किया गया।

उन्होंने कहा कि रजबाहा बनाने का मतलब है कि जिस-जिस गांव में से रजबाहा निकल गया तो समझो उस गांव के हर घर में एक नौकरी लग जाती है। उन्होंने कहा कि राजनीति कोई दुकान नहीं है, जिसमें नफा और नुकसान देखा जाता है।

राजनीति का मतलब है लोगों में विश्वास और हमारी पार्टी के प्रति लोगों का विश्वास रहा है कि हमने हमेशा कमजोर वर्ग के लोगों की लड़ाई लड़ी है। इनेलो नेता ने बताया कि 31 अक्तूबर को बरोदा में बहुत बड़ा जलसा करने जा रहे हैं। इस जलसे में सिर्फ बरोदा के लोग ही होंगे। उस जलसे में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद भी शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने हमेशा कमजोर की आवाज उठाई है। वो चाहे किसी भी जाति का हो।

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