विज्ञापन

हरियाणा के विश्वविद्यालयों में बदल गई कॉलेज एग्जाम और रिजल्ट की व्यवस्था

अंकित चौहान/अमर उजाला, सोनीपत Updated Fri, 12 Jan 2018 11:52 AM IST
दाखिला
दा‌‌खिला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें
हरियाणा की सभी यूनिवर्सिटी अब अपना एग्जाम शेड्यूल शॉर्ट करेंगी तो परीक्षा परिणाम भी बहुत कम समय में घोषित किया जाएगा। यूनिवर्सिटियां अभी तक जहां 35 दिन में एग्जाम कराती हैं और उसके बाद परीक्षा परिणाम घोषित करने में 50 दिन का समय लग जाता है। उससे विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए कम दिन मिलते हैं इससे पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं परीक्षा परिणाम कई बार तब घोषित किया जाता है, जब अगला सेमेस्टर आधा निकल जाता है।
विज्ञापन
इसी कारण एग्जाम केवल 21 दिन के अंदर कराने के साथ ही परीक्षा परिणाम 30 दिन में घोषित करने की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर हायर व टेक्निकल एजुकेशन की मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी के वीसी व परीक्षा नियंत्रकों के साथ मीटिंग करके एग्जाम व परीक्षा परिणाम का शेड्यूल शॉर्ट करने का प्लान बनाया गया।

प्रदेश में अभी तक केवल दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल ऐसी है, जहां का एग्जाम कराने से लेकर परीक्षा परिणाम घोषित करने का शेड्यूल सबसे ज्यादा शॉर्ट है। मुरथल यूनिवर्सिटी में एग्जाम जहां केवल 21 दिन में करा दिए जाते हैं, वहीं परीक्षा परिणाम 30 दिन के अंदर घोषित कर दिया जाता है। इसके अलावा फाइनल ईयर का परीक्षा परिणाम केवल 15 दिन में घोषित किया जाता है।

जबकि अन्य यूनिवर्सिटी में एग्जाम 35 दिन में कराए जाते हैं और उनका परिणाम घोषित करने में 50 दिन का समय लग जाता है। इससे यूनिवर्सिटी व उसके कॉलेजों में पढ़ाई के दिन कम होने से उसपर असर पड़ता है। इसको देखते हुए ही उच्चतर शिक्षा विभाग की मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा ने मुरथल यूनिवर्सिटी का एग्जाम सिस्टम देखने के बाद ऐसा ही अन्य यूनिवर्सिटी में लागू कराने के लिए कहा है। इसे नए शैक्षणिक सत्र से लागू करने की बात कही गई है।

कोर्स में होगा बदलाव, प्लेसमेंट बढ़ाने पर रहेगा जोर
यूनिवर्सिटियों का पिछले काफी समय से एक ही कोर्स चल रहा है, जिसमें समय के साथ बदलाव नहीं किया गया है। इसका असर प्लेसमेंट पर भी पड़ रहा है। इसको देखते हुए यूनिवर्सिटी के कोर्स में समय के अनुसार कुछ बदलाव करने के लिए कहा गया है, जिससे मौजूदा समय में बड़ी कंपनियों की जरूरत के अनुसार पढ़ाई हो सके। उसका सबसे बड़ा फायदा विद्यार्थियों को प्लेसमेंट में मिलेगा। यह भी नए सत्र से किया जा सकता है, जिसके लिए फिर से मीटिंग करके फाइनल टच दिया जाएगा।

यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक कैलेंडर समान होगा
मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा ने यह भी कहा है कि प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक कैलेंडर समान होना चाहिए। क्योंकि अभी तक किसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई पहले शुरू हो जाती है तो किसी में बाद में शुरू होती है। इस तरह ही किसी यूनिवर्सिटी में एग्जाम पहले शुरू होते है तो किसी में बाद में शुरू होते है। यह सब कुछ सभी यूनिवर्सिटी में एक साथ कराने के लिए ही शैक्षणिक कैलेंडर एक जैसा बनाया जाएगा।

किसी भी यूनिवर्सिटी के एग्जाम ज्यादा दिन में खत्म होंगे और परीक्षा परिणाम ज्यादा समय में घोषित किया जाएगा तो उसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है। इससे यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दिन कम हो जाते हैं। इस कारण ही एग्जाम कराने से लेकर परीक्षा परिणाम घोषित करने का समय कम करने के लिए ही मीटिंग रखी गई थी। इसके अलावा शैक्षणिक कैलेंडर भी एक जैसा बनाने की बात कही गई है। इसका विद्यार्थियों के लिए बड़ा फायदा हो सकता है।
- डॉ. एमएस धनखड़, परीक्षा नियंत्रक मुरथल यूनिवर्सिटी

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Education

नकली जाति प्रमाणपत्र इस्तेमाल करने वाले छात्रों को मिलेगी कड़ी सजा, जानिए यहां

गुजरात विधान सभा द्वारा इस वर्ष मार्च में नौकरी और शिक्षा के लिए नकली जाति प्रमाणपत्र इस्तेमाल करने वाले छात्रों को दंड दिए जाने का आग्रह किया था। बता दें की, देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस बिल पर अपनी मंजूरी दे दी है।

18 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

Analysis on no confidence motion

Analysis on No Confidence Motion

22 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree