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दिल्ली HC ने केंद्र से पूछा- आखिर क्यों लगाया सेनेटरी नैपकिन पर 12 फीसदी GST
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
Updated Tue, 18 Jul 2017 02:15 PM IST
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DELHI HIGH COURT
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सेनेटरी नैपकिन को जीएसटी के दायरे में रखने के केंद्र के फैसले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपना लिया है। हाईकोर्ट ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र को नोटिस जारी कर दिया है। हाईकोर्ट ने सरकार से कहा है कि या तो वो इसको जीएसटी से बाहर करे। अगर सरकार ऐसा नहीं कर सकती है, तो इस पर कम टैक्स का प्रावधान किया जाए।
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दिल्ली हाईकोर्ट की एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और सी हरी शंकर की डिविजन बेंच ने जरमीना इसरार खान द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता ने कहा था कि केंद्र सरकार और जीएसटी काउंसिल का यह फैसला महिलाओं के लिए भेदभाव को और बढाएगा। सरकार के इस फैसले से लगता है कि वो महिलाओं को लेकर के ज्यादा संजीदा नहीं है।
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याचिका में कहा गया है कि सरकार ने सेनेटरी नैपकिन को बच्चों के खिलौने, चमड़े का सामान, कॉफी, मोबाइल फोन के समान रखा है। गैर जरुरी चीजों को सेनेटरी नैपकिन के साथ रखना गलत है, क्योंकि सभी महिलाओं को इसकी जरुरत पड़ती है। जबकि सेनेटरी नैपकिन का प्रयोग करना महिलाओं का कानूनी तौर पर अधिकार है।
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गौरतलब है कि महिलाओं द्वारा प्रयोग में लाये जाने वाले सेनेटरी नैपकिन पर जीएसटी काउंसिल ने 12 फीसदी जीएसटी लगाया है।