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ED-CBI का खुलासा: विजय माल्या ने शेल कंपनियों में डायवर्ट किया 6 हजार करोड़ का लोन
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Mon, 25 Sep 2017 09:30 AM IST
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- फोटो : ANI
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भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को ब्रिटेन से जल्दी से प्रत्यपर्ण कराने के लिए नकेल कसना शुरू कर दिया है। जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी ने खुलासा किया है कि माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के लिए बैंकों से लिए गए 6 हजार करोड़ से अधिक के लोन को विदेश में स्थित शेल कंपनियों में डायवर्ट किया था।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सीबीआई और ईडी ने 7 देशों में मौजूद शेल कंपनियों में यह पैसा इन्वेस्ट किया था। यह कंपनियां यूएस, यूके, फ्रांस, आयरलैंड में स्थित हैं जिनके बारे में जानकारी मांगी गई है।
पढ़ें- भारत के बाद ब्रिटेन में भी माल्या ने किया बड़ा फ्रॉड, हाथ लगे कई अहम सबूत
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माल्या ने लिया था 17 बैंकों से 6027 करोड़ का लोन
माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस को सुधारने के लिए 17 बैंकों के कंशोर्सियम से 6027 करोड़ का लोन लिया था। इसमें से सबसे ज्यादा एसबीआई से लिया था, जिसका अमाउंट 1600 करोड़ रुपये था। सीबीआई ने इसी आधार पर ब्रिटेन से माल्या का भारत जल्द प्रत्यपर्ण कराने के लिए लंदन स्थित कोर्ट में अर्जी दाखिल करने का फैसला किया है। इसके लिए नई चार्जशीट जल्द ही दाखिल की जाएगी।
20 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण केस की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। माल्या भारतीय बैंकों से 9 हजार करोड़ रुपए का लोन लेकर फरार है। माल्या मार्च 2016 से ब्रिटेन में रह रहा है और उसे प्रर्त्यपण वारंट मामले में अप्रैल 2017 में भी गिरफ्तार किया गया था।
बता दें कि ब्रिटेन सरकार से भारत ने माल्या के प्रत्यर्पण की गुहार लगाई है। जिसके बाद लंदन कोर्ट ने माल्या के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करते हुए गत 18 अप्रैल को गिरफ्तार भी किया था लेकिन बाद में उसे रिहा कर दिया गया था।
माल्या ने अदालत के बाहर मीडिया से कहा, ‘मैं किसी भी अदालत से भाग नहीं रहा हूं। मेरे पास अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए पर्याप्त सुबूत हैं।’ माल्या ने कहा, ‘मैं मीडिया में इसलिए बयान नहीं देता क्योंकि उसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है। मेरे पास पर्याप्त सुबूत हैं। मैं एक क्रिकेट मैच के दौरान भारत का समर्थन करने पहुंचा तो मीडिया ने उन्माद पैदा कर दिया। ऐसे में बेहतर है कि मैं कुछ भी न बोलूं।’
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टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सीबीआई और ईडी ने 7 देशों में मौजूद शेल कंपनियों में यह पैसा इन्वेस्ट किया था। यह कंपनियां यूएस, यूके, फ्रांस, आयरलैंड में स्थित हैं जिनके बारे में जानकारी मांगी गई है।
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माल्या ने लिया था 17 बैंकों से 6027 करोड़ का लोन
माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस को सुधारने के लिए 17 बैंकों के कंशोर्सियम से 6027 करोड़ का लोन लिया था। इसमें से सबसे ज्यादा एसबीआई से लिया था, जिसका अमाउंट 1600 करोड़ रुपये था। सीबीआई ने इसी आधार पर ब्रिटेन से माल्या का भारत जल्द प्रत्यपर्ण कराने के लिए लंदन स्थित कोर्ट में अर्जी दाखिल करने का फैसला किया है। इसके लिए नई चार्जशीट जल्द ही दाखिल की जाएगी।
20 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण केस की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। माल्या भारतीय बैंकों से 9 हजार करोड़ रुपए का लोन लेकर फरार है। माल्या मार्च 2016 से ब्रिटेन में रह रहा है और उसे प्रर्त्यपण वारंट मामले में अप्रैल 2017 में भी गिरफ्तार किया गया था।
बता दें कि ब्रिटेन सरकार से भारत ने माल्या के प्रत्यर्पण की गुहार लगाई है। जिसके बाद लंदन कोर्ट ने माल्या के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करते हुए गत 18 अप्रैल को गिरफ्तार भी किया था लेकिन बाद में उसे रिहा कर दिया गया था।
माल्या ने अदालत के बाहर मीडिया से कहा, ‘मैं किसी भी अदालत से भाग नहीं रहा हूं। मेरे पास अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए पर्याप्त सुबूत हैं।’ माल्या ने कहा, ‘मैं मीडिया में इसलिए बयान नहीं देता क्योंकि उसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है। मेरे पास पर्याप्त सुबूत हैं। मैं एक क्रिकेट मैच के दौरान भारत का समर्थन करने पहुंचा तो मीडिया ने उन्माद पैदा कर दिया। ऐसे में बेहतर है कि मैं कुछ भी न बोलूं।’