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तीन दिन में ही बदल गया ई-वे बिल इस्तेमाल करने का तरीका, बढ़ सकती हैं व्यापारियों की परेशानी
विजय सक्सेना, इलाहाबाद
Updated Sun, 20 Aug 2017 02:10 PM IST
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जीएसटी
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जीएसटी में बाहर से माल मंगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ई-वे बिल में प्रदेश सरकार ने संशोधन कर दिया है। तीन दिन पहले लागू ई-वे बिल व्यवस्था में संशोधन के बारे में व्यापारियों अभी खासा जानकारी नहीं है। ऐसे में उनकी परेशानी बढ़नी तय है। संशोधित ई-वे बिल व्यवस्था 19 अगस्त से लागू भी कर दी गई है।
प्रदेश सरकार ने 16 अगस्त से ई-वे बिल अनिवार्य किया। इसके तहत राज्य वस्तु एवं सेवा कर (वाणिज्य कर) कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने बाहर से माल मंगाने और प्रांत के भीतर माल के परिवहन के संबंध में ई-वे बिल 01, 02 एवं 03 के इस्तेमाल के संबंध में आदेश जारी किया।
व्यापारी अभी इसी व्यवस्था को समझने और इसके तहत माल मंगाने की तैयारी कर रहे थे कि 18 अगस्त को सरकार ने ई-वे बिल के इस्तेमाल में संशोधन कर दिया। इस संबंध में संस्थागत वित्त कर एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने आदेश भी जारी कर दिया है, जिसे 19 अगस्त से लागू भी कर दिया गया।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा का कहना है कि सरकार बेहद जल्दबाजी में निर्णय ले रही और आए दिन नए-नए आदेश जारी कर उन्हें तत्काल लागू किया जा रहा है। व्यापारी अभी जीएसटी को ही ठीक से नहीं समझ सकें हैं।
इस बीच ई-वे बिल के इस्तेमाल में संशोधन से परेशानी बढ़ेगी, क्योंकि बाहर से माल मंगाने वाले ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों के ज्यादातर व्यापारियों को इन संशोधन की जानकारी तुरंत नहीं होती। ऐसे में मार्ग में जांच के दौरान परेशानी बढ़ना तय है। कोई भी नई व्यवस्था लागू करने या संशोधन के पहले उसका प्रचार-प्रसार होना चाहिए ताकि व्यापारियों को उसके बारे में पता चल सके।
16 अगस्त को लागू व्यवस्था
प्रांत के बाहर से पांच हजार रुपये से अधिक का माल मंगाने के लिए ई-वे बिल 01, प्रांत के भीतर एक लाख रुपये या उससे अधिक के मेंथा ऑयल, सुपारी लोहा एवं खाद्य तेल के परिवहन पर ई-वे बिल 02 तथा पांच हजार रुपये से अधिक ई-कॉमर्स कारोबार के लिए ई-वे बिल 03 की व्यवस्था लागू की गई।
19 अगस्त से लागू व्यवस्था
ई-वे बिल 01 एवं 03 50 हजार रुपये या उससे अधिक के माल पर इस्तेमाल होगा, जबकि एक लाख के बजाए अब 50 हजार रुपये या उससे अधिक के मेंथा ऑयल, सुपारी, लोहा एवं खाद्य तेल पर ई-वे बिल 02 अनिवार्य किया गया है।
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प्रदेश सरकार ने 16 अगस्त से ई-वे बिल अनिवार्य किया। इसके तहत राज्य वस्तु एवं सेवा कर (वाणिज्य कर) कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने बाहर से माल मंगाने और प्रांत के भीतर माल के परिवहन के संबंध में ई-वे बिल 01, 02 एवं 03 के इस्तेमाल के संबंध में आदेश जारी किया।
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व्यापारी अभी इसी व्यवस्था को समझने और इसके तहत माल मंगाने की तैयारी कर रहे थे कि 18 अगस्त को सरकार ने ई-वे बिल के इस्तेमाल में संशोधन कर दिया। इस संबंध में संस्थागत वित्त कर एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने आदेश भी जारी कर दिया है, जिसे 19 अगस्त से लागू भी कर दिया गया।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा का कहना है कि सरकार बेहद जल्दबाजी में निर्णय ले रही और आए दिन नए-नए आदेश जारी कर उन्हें तत्काल लागू किया जा रहा है। व्यापारी अभी जीएसटी को ही ठीक से नहीं समझ सकें हैं।
इस बीच ई-वे बिल के इस्तेमाल में संशोधन से परेशानी बढ़ेगी, क्योंकि बाहर से माल मंगाने वाले ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों के ज्यादातर व्यापारियों को इन संशोधन की जानकारी तुरंत नहीं होती। ऐसे में मार्ग में जांच के दौरान परेशानी बढ़ना तय है। कोई भी नई व्यवस्था लागू करने या संशोधन के पहले उसका प्रचार-प्रसार होना चाहिए ताकि व्यापारियों को उसके बारे में पता चल सके।
16 अगस्त को लागू व्यवस्था
प्रांत के बाहर से पांच हजार रुपये से अधिक का माल मंगाने के लिए ई-वे बिल 01, प्रांत के भीतर एक लाख रुपये या उससे अधिक के मेंथा ऑयल, सुपारी लोहा एवं खाद्य तेल के परिवहन पर ई-वे बिल 02 तथा पांच हजार रुपये से अधिक ई-कॉमर्स कारोबार के लिए ई-वे बिल 03 की व्यवस्था लागू की गई।
19 अगस्त से लागू व्यवस्था
ई-वे बिल 01 एवं 03 50 हजार रुपये या उससे अधिक के माल पर इस्तेमाल होगा, जबकि एक लाख के बजाए अब 50 हजार रुपये या उससे अधिक के मेंथा ऑयल, सुपारी, लोहा एवं खाद्य तेल पर ई-वे बिल 02 अनिवार्य किया गया है।