बजट 2018: बजट में सरकार ने दिया स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा, जानिए क्या होता है ये?
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अरुण जेटली ने बजट के दौरान सैलरीड क्लास को राहत देने की बात कही, उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा लेकिन 40 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिल सकेगा। इसके साथ ही ट्रांस्पोर्ट अलाउंस और मेडिकल रिबंर्समेंट जैसी सुविधा में कटौती कर दी गई। स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा सैलरी पाने वालों के साथ-साथ पेंशन पाने वालों को भी मिल सकेगा। ऐसे में लोग यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर यह स्टैंडर्ड डिडक्शन क्या होता है और इसका फायदा कौन-कौन सा वर्ग किस तरीके से उठा सकता है।
क्या है स्टैंडर्ड डिडक्शन ?
स्टैंडर्ड डिडक्शन का मतलब उस कटौती से है, जो आपकी इनकम के अनुसार आपके खर्च और निवेश पर व्यक्तिगत तौर पर लगती है। इसका फायदा यह है कि आपको किसी निवेश या खर्च का बिल पेश नहीं करना पड़ेगा और आपको टैक्स में छूट मिल सकेगी।
इस बात को और आसानी से समझना हो तो इसे ऐसे समझ सकते हैं। कि आपकी सैलेरी से आपकी कंपनी, आपकी पोजीशन के हिसाब से एक निश्चित राशि काट लेती है। जिसके बाद आपकी कर योग्य सैलरी कम हो जाती है। ऐसे में टैक्स लगने वाली राशि कम हो जाती है। इसका क्लेम सैलेरी और पेंशन पाने वाला दोनों कर सकता है।