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Transgender Pilot: डीजीसीए ने ट्रांसजेंडर ट्रेनी पायलट को मेडिकल टेस्ट के लिए फिर से अप्लाई करने को कहा
Thu, 14 Jul 2022 11:25 AM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Thu, 14 Jul 2022 11:25 AM IST
सार
डीजीसीए की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि असल में किसी ट्रांसजेंडर को पायलट लाइसेंस या रेटिंग देने को लेकर किसी तरह की कोई बंदिश नहीं है। केवल अभ्यर्थी को अपनी उम्र, शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल फिटनेस, अनुभव और Aircraft Rules, 1937 के तहत तय मापदंडों को पूरा करना होता है।
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डीजीसीए
- फोटो : ANI
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विस्तार
एविएशन सेक्टर की नियामक संस्था डीजीसीए ने गुरुवार को ट्रांसजेंडर ट्रेनी पायलट एडम हैरी को कमर्शियल पायलट लाइसेंस पाने के लिए फिर से मेडिकल टेस्ट के लिए अप्लाई करने को कहा है।
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डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation) उन मीडिया रिपार्ट्स को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि केरल के ट्रांसमैन एडम हैरी को कमर्शियल पायलट का लाइसेंस देने से मना कर दिया गया है।
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डीजीसीए की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि असल में किसी ट्रांसजेंडर को पायलट लाइसेंस या रेटिंग देने को लेकर किसी तरह की कोई बंदिश नहीं है। केवल अभ्यर्थी को अपनी उम्र, शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल फिटनेस, अनुभव और Aircraft Rules, 1937 के तहत तय मापदंडों को पूरा करना होता है।
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डीजीसीए ने कहा है कि अगर ट्रांजेंडर व्यक्ति के साथ मेडिकल, सायकेट्रिक या साइकोलॉजिकल कंडीशंस से जु़ड़ी कोई समस्या नहीं है तो उन्हें फिट मेडिकल असेसमेंट का प्रमाण दिया जा सकता है।
डीजीसीए की ओर से कहा गया है कि किसी भी तरह की हार्मोनल थेरेपी (जेंडर बदलने की थेरेपी) के कारण किसी को अभ्यर्थी को अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता है, बशर्ते उसके ऊपर इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ हो।
डीजीसीए की ओर से कहा गया है कि वह किसी ट्रांसजेंडर को कमर्शियल पायलट का लाइसेंस जारी करने में उसी प्रक्रिया का इस्तेमाल करती है जिसका अमेरिका की एविएशन रेग्युलेटर एफएए इस्तेमाल करती है।
डीजीसीए की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि जब जनवरी 2020 में हैरी ने मेडिकल टेस्ट के लिए अप्लाई किया था उस समय उनकी रिपार्ट्स से पता चला कि वे फीमेल से मेल बनने के लिए हार्मोनल थेरेपी की प्रक्रिया से गुजर रहे थे और उसे उस समय जारी रहना था। इसके साथ ही उनकी ओर से जमा करवाई गई मेंटल हेल्थ रिपोर्ट भी पूरी नहीं थी।
इस लिए उस समय उन्हें अस्थायी रूप से छह महीने के लिए मेडिकली अनफिट घोषित किया गया था ताकि वे अपनी हार्मोन थेरेपी पूरी कर सकें।
हैरी का मेडिकल टेस्ट अगस्त 2020 में किया गया था जब उनका हर्मोनल थेरेपी बंद था और वे शारीरिक रूप से महिला थे। इसलिए उस समय उन्हें उनके उस समय के जेंडर और नाम आयशा टीएस के नाम से मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया गया था, जो अगस्त 23, 2022 तक वैध है।
एविएशन रेग्युलेटर ने यह भी बताया है कि एक कमर्शियल पायलट होने के लिए उड़ान के जितने घंटों का अनुभव चाहिए वह भी हैरी ने स्टूडेंट पायलट लाइसेंस का इस्तेमाल करते हुए पूरा नहीं किया है।
डीजीसीए ने कहा है कि राजीव गांधी अकेडमी फॉर एविएशन टेक्नोलॉजी ने बताया है कि हैरी एडम को ग्राउंड क्लासेज में पर्याप्त हाजिरी नहीं होने के कारण स्टूडेंट पायलट लाइसेंस नहीं जारी किया जा सका है।
डीजीसीए की ओर से कहा गया है कि उपरोक्त तथ्यों के बावजूद, चूंकि हैरी एक नए चिकित्सा परीक्षण के लिए योग्य हैं, इसलिए उन्हें आइशा टीएस से एडम हैरी के रूप में अपना नाम परिवर्तन के लिए आवेदन करने और 'ट्रांसजेंडर' श्रेणी के तहत ईजीसीए वेबसाइट पर पंजीकरण करने और ईजीसीए वेबसाइट का उपयोग करते हुए नए चिकित्सा परीक्षण के लिए आवेदन देने के लिए सूचित कर दिया गया है।