फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Today's Interview : Taxes on super rich in India, less than US-China

आज का साक्षात्कार : अमेरिका-चीन से कम है भारत में सुपर रिच पर टैक्स

Mon, 08 Jul 2019 07:03 AM IST
Avdhesh Kumar बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: Avdhesh Kumar Updated Mon, 08 Jul 2019 07:03 AM IST
विज्ञापन
Today's Interview : Taxes on super rich in India, less than US-China
वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में अत्यधिक अमीरों (सुपर रिच) पर लगने वाले वैयक्तिक आयकर पर अधिभार लगाने के प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय ने सही ठहराया है। सरकार का मानना है कि हमारे देश में अमेरिका, चीन, फ्रांस आदि से काफी कम आयकर लिया जाता है। बजट प्रावधानों और सरकार के कर राजस्व पर अमर उजाला के शिशिर चौरसिया ने राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय से बातचीत की। पेश है अंश :
विज्ञापन


बजट में सुपर रिच पर लगने वाले वैयक्तिक कर पर कुछ और अधिभार लगा दिया गया है। क्या भारत दुनिया में सर्वाधिक आयकर लेने वाले देश की ओर बढ़ रहा है?
विज्ञापन


ऐसा बिल्कुल नहीं है... मैं कई ऐसे देशों का नाम गिना सकता हूं, जहां वर्तमान में 50 फीसदी से भी ज्यादा आयकर लिया जा रहा है। भारत में तो अभी अधिकतम 35.88 फीसदी ही आयकर लिया जाता है। आप फ्रांस को देखिए... वहां 66.2 फीसदी आयकर लिया जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कनाडा में अधिकतम वैयक्तिक कर 54 प्रतिशत है, जबकि अमेरिका में 50.3 फीसदी है। जापान में भी यह 46 फीसदी के करीब है। यहां तक कि चीन और दक्षिण अफ्रीका भी हमसे आगे हैं। वहां 45 फीसदी की दर से अधिकतम आयकर वसूला जाता है। वैसे भी सरकार का मानना है कि जो व्यक्ति अधिक कर देने में सक्षम है, उससे ज्यादा वसूली होनी चाहिए। हमने कम आमदनी अर्जित करने वालों पर कोई कर भार नहीं बढ़ाया है।

पांच लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई आयकर नहीं लगेगा, लेकिन इससे कुछ हजार ज्यादा आय होने पर ढाई लाख रुपये से कर वसूली होगी। क्या यह व्यवस्था ठीक है?

बिल्कुल यह व्यवस्था ठीक है... तभी तो बजट में इसकी घोषणा की गई है। आपको कहीं-न-कहीं तो स्लैब बदलना ही होगा। पांच लाख रुपये तक की सालाना आय पर तो कर में छूट का प्रावधान अंतरिम बजट में ही रखा गया था। इसके बाद न तो कर की दर में अंतर हुआ है और न ही स्लैब में। इसके बावजूद हमने प्रत्यक्ष कर वसूली में जो बढ़ोतरी का लक्ष्य तय किया है, उसके लिए अत्यधिक अमीर लोगों पर अधिभार बढ़ाया गया है।

लेकिन इस प्रावधान से लोग कर बचाने की जुगत में नहीं लग जाएंगे?

हम इससे इनकार कहां कर रहे हैं। लोग कर बचाने की जुगत करें, इसके लिए ही तो आयकर कानून की धारा-80सी के तहत डेढ़ लाख रुपये पर छूट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) में 50 हजार रुपये का निवेश कर उस पर आयकर बचा सकते हैं। 

आवासीय ऋण पर चुकाये गए ब्याज के मद में दो लाख रुपये की अतिरिक्त छूट है। इस साल तो ई-वाहन खरीदने को लिए गए ऋण के ब्याज पर भी छूट दी गई है। यदि कोई व्यक्ति सही तरीके से योजना बनाए तो वह दो-तीन लाख रुपये पर तो आसानी से कर बचा सकता है। यदि वह ऐसा कर ले तो पांच लाख के दायरे में आ जाएगा और उन्हें शून्य आयकर चुकाना होगा।

सरकार ने ढांचागत संरचना क्षेत्र में पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश का फैसला किया है। क्या इसके लिए सरकार के पास राजस्व है?

हमने कहा है कि अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश ढांचागत संरचना क्षेत्र में करेंगे। ये सब सरकार के कर राजस्व से ही होगा, ऐसा नहीं है। ढांचागत संरचना में निवेश किया जाएगा, भले ही वह सरकारी-निजी-भागीदारी (पीपीपी) फॉर्मूले पर क्यों न हो। ढांचागत संरचना के हर क्षेत्र में पीपीपी फॉर्मूले को लागू किया जाना है। 

पीपीपी फॉर्मूले पर दिल्ली और मुंबई में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया गया है। इन कार्यों में कर राजस्व से कोई पैसा नहीं दिया गया है, लेकिन निवेश तो हुआ ही है। इसी तरह आगे भी निवेश होगा। चाहे वह राजमार्ग क्षेत्र हो या रेल मार्ग और जल मार्ग का क्षेत्र, सब जगह पीपीपी फॉर्मूले पर काम किया जाएगा।
 

कर वसूली में क्या सफलता मिलेगी?

पिछले साल जीएसटी मद में कर वसूली बढ़ाने में वांछित सफलता नहीं मिली थी। इसके बावजूद इस साल महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। क्या इसमें सफलता मिलेगी?

ऐसा संभव है... तभी तो यह लक्ष्य तय किया गया है। हमने प्रत्यक्ष कर मद में पिछले साल 11.33 लाख करोड़ रुपये की वसूली की। इस साल 13.31 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया है। इतना संभव है क्योंकि यह तो महज 17 फीसदी की ही बढ़ोतरी का लक्ष्य है। इसी तरह, हमने जीएसटी में 14 फीसदी का और केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क में थोड़ा ज्यादा का लक्ष्य रखा है। 

कुल मिलाकर कर राजस्व में 18 फीसदी की बढ़ोतरी का लक्ष्य तय किया गया है, जिसे आसानी से प्राप्त कर लिया जाएगा। देखिए... जिस तरह अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी होती है, आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ती हैं और उसी तरीके से कर वसूली भी बढ़ती है। अर्थव्यवस्था जब सात फीसदी की दर से बढ़ेगी तो कर वसूली में इसकी दोगुनी-तिगुनी वृद्धि तो बड़े आराम से हो जाएगी।

सरकार का मानना है कि जो अधिक कर देने में सक्षम है, उससे ज्यादा वसूली होनी चाहिए। बजट में कम आय अर्जित करने वालों पर कोई कर भार नहीं बढ़ा है।

-अजय भूषण पांडेय, केंद्रीय राजस्व सचिव
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed