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इस सप्ताह शेयर बाजार में जारी रहेगा बढ़त का दौर: विशेषज्ञ
Sun, 22 Sep 2019 02:29 PM IST
Priyesh Mishra
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 22 Sep 2019 02:29 PM IST
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शेयर बाजार
- फोटो : self
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शेयर बाजारों में इस सप्ताह बढ़त जारी रहेगी। हालांकि, शुक्रवार को दर्ज भारी-भरकम बढ़त के बाद सप्ताह के दौरान बाजार में कुछ गिरावट आ सकता है। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को सबको हैरान करते हुए कॉरपोरेट कर की दरों में कटौती की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रतिभूति की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ पर बढ़ा हुआ अधिभार लागू नहीं होगा। इससे बंबई शेयर बाजार के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स ने शुक्रवार को 1,921 अंक की लंबी छलांग लगाई। यह एक दशक से अधिक में किसी कारोबारी दिन में सेंसेक्स की सबसे ऊंची बढ़त है।
इसके अलावा जीएसटी परिषद ने होटल शुल्क तथा कुछ सामान पर भी कर की दरें घटाने की घोषणा की है।
सैमको सिक्योरिटीज एंड स्टॉकनोट के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिमीत मोदी ने कहा कि शुक्रवार को जोरदार तेजी के बाद अब बाजार में कुछ गिरावट आ सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक अपनी लिवाली कब शुरू करते हैं और वे करों में कटौती को किस रूप में लेते हैं।
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मौजूदा कंपनियों के लिए मूल कॉरपोरेट कर की दर को 30 से घटाकर 22 प्रतिशत किया गया है। वहीं एक अक्टूबर, 2019 के बाद स्थापित होने वाली नई विनिर्माण कंपनियों के लिए इसे 25 से घटाकर 15 प्रतिशत किया गया है।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार में अब उत्साह लौटेगा। नए वित्तीय उपायों की घोषणा से घरेलू बाजार में सुस्ती की आशंका दूर होगी। एफपीआई के लिए अब भारतीय बाजारों में लौटने की वजह है। इस प्रगतिशील कदम से उपभोग और निवेश बढ़ेगा।
बीते सप्ताह बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स साप्ताहिक आधार पर 629.63 अंक या 1.68 प्रतिशत की बढ़त में रहा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 198.30 अंक या 1.79 प्रतिशत के लाभ में रहा।
विश्लेषकों का कहना है कि इस सप्ताह वृहद आर्थिक मोर्चे पर कोई आंकड़ा नहीं आना है। ऐसे में बाजार की दिशा काफी हद तक रुपये के रुख, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों के निवेश के रुख से तय होगी।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को सबको हैरान करते हुए कॉरपोरेट कर की दरों में कटौती की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रतिभूति की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ पर बढ़ा हुआ अधिभार लागू नहीं होगा। इससे बंबई शेयर बाजार के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स ने शुक्रवार को 1,921 अंक की लंबी छलांग लगाई। यह एक दशक से अधिक में किसी कारोबारी दिन में सेंसेक्स की सबसे ऊंची बढ़त है।
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इसके अलावा जीएसटी परिषद ने होटल शुल्क तथा कुछ सामान पर भी कर की दरें घटाने की घोषणा की है।
सैमको सिक्योरिटीज एंड स्टॉकनोट के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिमीत मोदी ने कहा कि शुक्रवार को जोरदार तेजी के बाद अब बाजार में कुछ गिरावट आ सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक अपनी लिवाली कब शुरू करते हैं और वे करों में कटौती को किस रूप में लेते हैं।
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मौजूदा कंपनियों के लिए मूल कॉरपोरेट कर की दर को 30 से घटाकर 22 प्रतिशत किया गया है। वहीं एक अक्टूबर, 2019 के बाद स्थापित होने वाली नई विनिर्माण कंपनियों के लिए इसे 25 से घटाकर 15 प्रतिशत किया गया है।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार में अब उत्साह लौटेगा। नए वित्तीय उपायों की घोषणा से घरेलू बाजार में सुस्ती की आशंका दूर होगी। एफपीआई के लिए अब भारतीय बाजारों में लौटने की वजह है। इस प्रगतिशील कदम से उपभोग और निवेश बढ़ेगा।
बीते सप्ताह बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स साप्ताहिक आधार पर 629.63 अंक या 1.68 प्रतिशत की बढ़त में रहा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 198.30 अंक या 1.79 प्रतिशत के लाभ में रहा।
विश्लेषकों का कहना है कि इस सप्ताह वृहद आर्थिक मोर्चे पर कोई आंकड़ा नहीं आना है। ऐसे में बाजार की दिशा काफी हद तक रुपये के रुख, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों के निवेश के रुख से तय होगी।