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होली से पहले निवेशकों का निकला दिवाला, ऐतिहासिक गिरावट के पीछे ये पांच कारण
Mon, 09 Mar 2020 08:27 PM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अमित कुमार
Updated Mon, 09 Mar 2020 08:27 PM IST
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गिरावट के बाद लोगों के चेहरों पर निराशा दिखी
- फोटो : PTI
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शेयर बाजार में होली से एक दिन पहले सोमवार को हाहाकार मच गया। सोमवार को बीएसई और एनएसई पर इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई जबकि निफ्टी 600 से ज्यादा अंक लुढ़का। बाजार के धड़ाम होने की बड़ी वजह दुनियाभर में फैले कोरोनावायरस को माना जा रहा है। मगर इसके अलावा भी कई ऐसे कारण रहे, जिनकी वजह से सोमवार को बाजार में हाहाकार मच गया।
यस बैंक
फाइल फोटो
- फोटो : PTI
- यस बैंक संकट का असर भी बाजार पर दिखा। इससे सरकारी कंपनियों और वित्त क्षेत्र पर दबाव बढ़ेगा।
- बहुत से वित्तीय संस्थानों ने यस बैंक के बॉन्ड को काफी नीचे करके आंका है।
- राष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी icra को आशंका है कि यस बैंक बॉन्ड के आगामी भुगतान से पीछे हट सकता है।
कच्चे तेल में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट
बीएसई बिल्डिंग के बाहर निराश लोग
- फोटो : PTI
- कच्चे तेल में 29 साल की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट आई, जो बाजार के लिए अच्छी खबर नहीं।
- कच्चे तेल की कीमतें 30 प्रतिशत तक गिर गईं, जिसका सीधा असर कई देशों के बाजार पर पड़ा।
- सऊदी अरब ने रूस की ओर से ओपेक देशों के साथ सहमति नहीं बनने के बाद कीमतों में भारी कटौती कर दी है।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1991 के बाद कच्चे तेल की कीमत में सबसे बड़ी गिरावट है।
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विदेशी निवेशक
मुंबई में बीएसई बिल्डिंग के बाहर का दृश्य
- फोटो : PTI
- इस साल मार्च में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से अब तक 13,156 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं।
- जबकि इससे पहले छह महीने से इन्होंने भारतीय बाजार में मोटा निवेश किया था।
- जानकारी के मुताबिक 2 से 6 मार्च के बीच एफपीआई ने शेयर बाजारों से 8,997.46 करोड़ रुपये और बांड बाजार से 4,159.66 करोड़ रुपये निकाले।
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मुंबई की बीएसई बिल्डिंग
- फोटो : PTI
विदेशी बाजार
- भारत ही नहीं कोरोनावायरस की वजह से दुनियाभर के बाजारों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
- जापान का निक्केई 5.2%, ऑस्ट्रेलियाई वायदा बाजार 6.4% गिर गए। जबकि डॉय जोंस 256 अंक और नैस्डेक भी 161 अंक नीचे गिर गए। ब्रिटेन में भी हालात ऐसे ही रहे।