फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Startup India: country startup ecosystem at third place in the world, increased from 300 to 90000

Startup India: सरकार का दावा- देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में तीसरे स्थान पर, 300 बढ़कर हुए 90 हजार

Wed, 29 Mar 2023 05:05 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 29 Mar 2023 05:05 PM IST
सार

Startup India: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री और पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में शीर्ष 50 देशों में शामिल है और दुनिया के सबसे स्टार्टअप फ्रेंडली देशों (एशिया में अग्रणी) में से एक है...

विज्ञापन
Startup India: country startup ecosystem at third place in the world, increased from 300 to 90000
Dr Jitendra Singh - फोटो : Agency

विस्तार

भारत में स्टार्टअप की बहुत तेजी से रफ्तार बढ़ रही है। 2014 से 2022 तक में स्टार्टअप की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। इन आठ सालों में इनकी संख्या 300 से बढ़कर 90 हजार से ज्यादा हो चुकी है। जबकि देश में 100 से ज्यादा यूनिकार्न हैं। इनमें से 36 की संस्थापक या सह-संस्थापक महिलाएं हैं। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री और पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का भी कहना है कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में तीसरे स्थान पर है। भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में शीर्ष 50 देशों में शामिल है और दुनिया के सबसे स्टार्टअप फ्रेंडली देशों (एशिया में अग्रणी) में से एक है। जबकि भारत का उत्तर-पूर्व क्षेत्र स्टार्टअप के लिए अनछुए अवसर प्रदान कर रहा है।

विज्ञापन

मंगलवार को नॉर्थ ईस्ट रीज़नल रिसर्च एंड रिसोर्स सेंटर, मिरांडा हाउस द्वारा आयोजित दो दिवसीय उत्तर-पूर्व भारत में स्टार्टअप, स्थिरता, नवाचार एवं उद्यमिता पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश का उत्तर-पूर्व सहज रूप से नवाचार की भूमि है। उत्तर-पूर्व क्षेत्र की महिलाएं हमेशा से ही स्टार्टअप संस्कृति में सबसे आगे रही हैं और जब से इस क्षेत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने संस्थागत रूप प्रदान किया है, तब से वे स्टार्टअप इकोसिस्टम में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उत्तर-पूर्व स्टार्टअप और महिलाएं केंद्र की मोदी सरकार की हमेशा मुख्य प्राथमिकताएं रही हैं। एक क्षेत्र के रूप में पिछली सरकारों ने उत्तर-पूर्व की हमेशा उपेक्षा की, लेकिन अब इस क्षेत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अन्य क्षेत्रों के बराबर लाया गया है।

विज्ञापन

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 15 अगस्त पर लाल किला के प्राचीर से स्टार्टअप इंडिया स्टैंडअप इंडिया का आह्वान करने के साथ, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए प्रोत्साहनों के कारण भारत में स्टार्टअप की संख्या 2014 से 2022 तक पिछले आठ वर्षों में 300 से बढ़कर 90,000 से ज्यादा हो चुकी हैं और देश में 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न हैं। भारत के 100 यूनिकॉर्न में से 36 की संस्थापक या सह-संस्थापक महिलाएं हैं। देश की महिलाएं अब भागीदारी से नेतृत्व वाली भूमिका में आ चुकी हैं। आज भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में तीसरे स्थान पर है। भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में शीर्ष 50 देशों में शामिल है और दुनिया के सबसे स्टार्टअप फ्रेंडली देशों (एशिया में अग्रणी) में से एक है। हाल के दिनों में उत्तर-पूर्व क्षेत्र में स्टार्टअप इकोसिस्टम में विभिन्न हितधारक जैसे इनक्यूबेटर, एक्सीलेटर और अन्य वेंचर फंड उभरकर सामने आए हैं, जिससे बड़ी संख्या में स्टार्टअप तैयार हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया, सरकार ने 2014-15 से अब तक इस क्षेत्र का विकास करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और कनेक्टिविटी में सुधार किया है। इससे इस क्षेत्र का विकास तेजी से हुआ है। उत्तर-पूर्व क्षेत्र में गैर छूट प्राप्त केंद्रीय मंत्रालयों-विभागों को केंद्रीय क्षेत्र और केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं में अपने सकल बजटीय सहायता का कम से कम 10 फीसदी व्यय करना करना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से उत्तर-पूर्व का रूपांतरण करना शुरू कर दिया था और तब से लेकर अब तक उन्होंने उत्तर-पूर्व और दिल्ली के बीच की खाई को पाटने का काम किया है। उत्तर-पूर्व की स्वदेशी संस्कृतियों और भाषाओं की चिंता किसी ने नहीं की लेकिन पीएम मोदी ने इन्हें बहुत महत्व दिया है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा हाल में किए गए पहलों की बात की। जैसे किरण योजना, क्यूरी पहल, विज्ञान ज्योति कार्यक्रम, फैलोशिप और कई अन्य, हालांकि उत्तर-पूर्व की महिलाएं पहले से ही परंपरागत रूप से बहुत सशक्त और पेशेवर रूप से ज्यादा सक्रिय रही हैं। उन्होंने कहा कि अमृत काल के अगले 25 वर्षों में सबसे ज्यादा अवसर उत्तर पूर्वी, हिमालयी क्षेत्र और समुद्र आधारित संसाधनों को मिलने वाले हैं। सम्मेलन में कई महिला युवा उद्यमी शामिल हो रही हैं और अपने विचारों और अनुभवों को साझा कर रही हैं। मिरांडा हाउस एक महिला कॉलेज होने के कारण इसका नेतृत्व कर रहा है। हमारा उद्देश्य अंतर को पाटना है। सरकार में रहते हुए हम इन महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तत्पर हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed