फिर पड़ी मार, थोक महंगाई 39 महीनों के उच्चतम स्तर पर
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फरवरी माह में थोक व खुदरा दोनों ही स्तर पर महंगाई दरों में बढ़ोतरी हुई है। खाद्य पदार्थ व फ्यूल के थोक दामों में बढ़ोतरी की वजह से फरवरी माह की थोक मुद्रास्फीति दर 6.55 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जो कि पिछले 39 महीनों में सबसे अधिक है। फरवरी माह में खाद्य वस्तुओं की थोक मुद्रास्फीति दर 2.69 फीसदी रही, जबकि इस साल जनवरी में खाद्य वस्तुओं की थोक महंगाई दर नकारात्मक 0.56 फीसदी दर्ज की गई थी।
वहीं फरवरी माह की खुदरा महंगाई दर बढ़त के साथ 3.65 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जबकि इस साल जनवरी में यह दर 3.17 फीसदी थी। खाने-पीने की चीजों की खुदरा महंगाई दर फरवरी माह में 2.01 फीसदी रही, जबकि गत जनवरी में यह दर मात्र 0.61 फीसदी थी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक गत नवंबर से थोक मुद्रास्फीति दर में लगातार इजाफा हो रहा है। इस साल फरवरी में फ्यूल व पावर (ईंधन व बिजली) की थोक मुद्रास्फीति दर 21.02 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। फरवरी माह में हाई स्पीड डीजल के थोक दाम में 33.14 फीसदी का इजाफा रहा। चीनी के दाम में 21.22 फीसदी तो खाद्य तेल में 5.70 फीसदी की तेजी रही।
आंकड़ों के मुताबिक गैर खाद्य पदार्थों के थोक दाम में फरवरी माह में पिछले साल फरवरी के मुकाबले 6.53 फीसदी की बढ़ोतरी रही। इस श्रेणी में सबसे अधिक खनिज पदार्थों के थोक दाम में 33.14 फीसदी की बढ़ोतरी रही।
घटी सब्जियों की खुदरा व थोक कीमतें
फूड आर्टिकल्स का होल सेल प्राइस इंडेक्स में वेटेज 14.34 प्रतिशत है। चावल, दाल, मोट अनाज की कीमतें बढ़ी है। फलों की थोक मुद्रास्फीति में भी 7.14 हो गई है जो कि जनवरी में 3.58 के स्तर पर थी। हालांकि, आलू की थोक महंगाई में गिरावट दर्ज की गई है।
ईधन और पावर की थोक महंगाई में भी बढ़ोतरी होने से यह 21.08 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है, जो कि जनवरी में 18.14 फीसदी थी। वहीं पेट्रोल की थोक महंगाई 16.72 फीसदी दर्ज की गई है, जबकि जनवरी में यह 15.66 फीसदी थी।