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रिलायंस : दुनिया का सबसे बड़ा नॉन फाइनेंशियल राइट इश्यू 30 प्रतिशत ओवरसब्सक्राइब
Tue, 02 Jun 2020 09:10 PM IST
Rohit Ojha
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rohit Ojha
Updated Tue, 02 Jun 2020 09:10 PM IST
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मुकेश अंबानी
- फोटो : ट्विटर
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रिलायंस इंडस्ट्रीज का मेगा 53,124 करोड़ रुपये का राइट इश्यू मंगलवार को करीब 30 फीसदी ओवर सब्सक्राइब हो गया। किसी भी नॉन फाइनेंशियल कंपनी या संस्थान का पिछले 10 वर्षों का यह दुनिया का सबसे बड़ा राइट इश्यू है।
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शेयर बाजार से मिली जानकारी के अनुसार इस इश्यू में कंपनी ने अपने शेयरधारकों को 42.26 करोड़ शेयर ऑफर किए थे। दो जून तक 54.9 करोड़ शेयरों के लिए बिड मिल चुकी है। यानी रिलायंस का राइट इश्यू 1.3 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। राइट इश्यू बुधवार तक खुला रहेगा। निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए तीन जून तक मौका मिलेगा।
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राइट इश्यू के ओवरसब्सक्रिप्शन का एक ही मतलब है कि शेयरधारक अपने एंटाइटेलमेंट से अधिक शेयरों के लिए भाव लगा रहे हैं। कल राइट इश्यू में निवेश का आखिरी दिन है और सब्सक्रिप्शन की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। रिलायंस में 25 लाख से अधिक रिटेल शेयरधारकों के अलावा 1700 से अधिक संस्थागत शेयरधारक हैं। इनमें देशी और विदेशी दोनों तरह के संस्थान शामिल हैं।
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मुकेश अंबानी ने पिछले साल अगस्त में 2021 तक कर्ज में कटौती की योजना का खुलासा किया था। उसी योजना के तहत यह राइट इश्यू लाया गया है। इसके अलावा रिलायंस के ऑयल एवं गैस बिजनेस व जियो प्लेटफॉर्म्स में इक्विटी बेच कर भी कर्ज को कम करने की कोशिश की जा रही है। रिलायंस की फुली ओन्ड सब्सिडरी जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेशकों की झड़ी लगी है।
अमेरीकी कंपनी फेसबुक, इंक समेत पांच बड़े निवेशक जियो प्लेटफॉर्म्स में 78,562 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं। भारत की किसी टेक्नोलॉजी कंपनी में यह अबतक का सबसे बड़ा निवेश है। रिलायंस तीन दशकों में यह पहला राईट इश्यू लाई है और पंद्रह शेयर पर एक शेयर ऑफर किया जा रहा है।