वित्तवर्ष : 2020-21 की तिमाही में रिलायंस का शुद्ध लाभ 12 फीसदी बढ़ा, जियो को भी मुनाफा
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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के जारी वित्त वर्ष की दिसंबर 2020 में समाप्त तीसरी तिमाही के शुद्ध लाभ में 12 फीसदी का इजाफा हुआ है। तेल से लेकर रसायन कारोबार में सुधार, खुदरा क्षेत्र में लगातार वृद्धि और दूरसंचार इकाई जियो के कारोबार में लगातार वृद्धि से कंपनी के शुद्ध लाभ में बढ़ोतरी हुई है।
अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि तिमाही के दौरान उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 12 फीसदी बढ़कर 13,101 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 11,640 करोड़ रुपये रहा था।
तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय घटकर एक लाख 28 हजार 450 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में एक लाख 57 हजार 165 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने बताया कि उसने अभी तक का सर्वाधिक संगठित तिमाही एबिटडा (EBITDA) और नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में टैक्स के बाद लाभ (पीएटी) 15,015 करोड़ रुपये (41.6 फीसदी) तक रहा है। वहीं, एबिटडा यानी ब्याज, करों, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई 26,094 करोड़ रुपये रही।
जियो प्लेटफार्म्स का शुद्ध लाभ बढ़ा
जियो प्लेटफार्म्स का चालू वित्त वर्ष की दिसंबर, 2020 में समाप्त तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 15.5 प्रतिशत बढ़कर 3,489 करोड़ रुपये रहा है। जियो की मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
जियो प्लेटफार्म्स डिजिटल और दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराती है। इससे पिछली तिमाही में जियो प्लेटफार्म्स ने 3,020 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी की आमदनी 22,858 करोड़ रुपये रही। 31 दिसंबर, 2020 तक जियो प्लेटफार्म्स के कुल ग्राहकों की संख्या 41 करोड़ थी। कंपनी की मासिक प्रति ग्राहक औसत कमाई (एआरपीयू) तिमाही के दौरान 151 रुपये रही, जो इससे पिछली तिमाही जुलाई-सितंबर में 145 रुपये रही थी।
अनिल अंबानी की कंपनी का घाटा बढ़ा
इधर, अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनी रिलायंस होम फाइनेंस का दिसंबर तिमाही का शुद्ध घाटा 339.55 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में इसने 73.52 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया था।
कंपनी द्वारा शुक्रवार को बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार आलोच्य तिमाही में उसकी कुल आय गिरकर 174.66 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले इसी दौरान आय 442.03 करोड़ रुपये थी। इसी दौरान खर्च एक साल पहले के 549.03 करोड़ रुपये की तुलना में 688.97 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी के ऋणदाताओं ने अंतर-करदाता समझौते (आईसीए) को तीन माह के लिए और बढ़ा दिया था। कंपनी दिवाला संहिता के तहत निपटान प्रक्रिया में है। इसके लिए छह कंपनियों की बोलियां प्राप्त हुई हैं।