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आरबीआई के पास है ‘जरूरत से ज्यादा’ अतिरिक्त पूंजी, सरकार को दे सकता है 10 खरब

Tue, 27 Nov 2018 06:21 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 27 Nov 2018 06:21 AM IST
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RBI has excess of capital can give to the government 10 trillion
RBI
भारतीय रिजर्व बैंक के पास ‘जरूरत से ज्यादा’ अतिरिक्त पूंजी है और विशेष समिति के इसका आकलन करने के बाद बैंक 10 खरब रुपये सरकार को स्थानांतरित कर सकता है। पिछले सोमवार को आरबीआई के निदेशक मंडल की बैठक में समिति बनाने की घोषणा की गई थी।
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इस सप्ताह के अंत तक समिति गठन की जा सकती है। समिति के सदस्यों के नाम रिजर्व बैंक के गवर्नर और वित्त मंत्रालय द्वारा तय किए जाएंगे। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क (ईसीएफ) को लेकर प्रस्तावित समिति 10 से 30 खरब रुपये की अतिरिक्त पूंजी का आकलन करेगी,  जो जीडीपी का 0.5-1.6 फीसदी है।
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आरबीआई 10 खरब रुपये रुपये स्थानांतरित कर सकता है, यह राशि 30 खरब तक हो सकती है। अगर आपदा राहत कोष को छोड़ दिया जाए तो यह राशि 10 खरब रुपये होगी। आपदा राहत कोष को जोड़ने पर यह राशि 30 खरब रुपये तक हो सकती है। अगर आपदा राहत कोष को रिजर्व बैंक के कोष का 3.5 फीसदी माना जाए तो हस्तांतरित होने वाली राशि करीब 10 खरब रुपये बैठेगी। 
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मार्च तक सरकारी बैंकों को मिलेगा 42,000 करोड़

केंद्र सरकार मार्च, 2019 तक सरकारी बैंकों में 42,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी। इसकी अगली किस्त दिसंबर तक जारी कर दी जाएगी। सरकार इस साल की शुरुआत में पांच सरकारी बैंकों पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), इलाहाबाद बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आंध्र बैंक और कॉरपोरेशन बैंक में 11,336 करोड़ रुपये डाल चुकी है।

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिसंबर के मध्य तक पुनर्पूंजीकरण (रिकैटिपलाइजेशन) योजना के तहत डाले जाने वाली रकम की अगली किस्त जारी कर देंगे। करीब 42,000 करोड़ रुपये की रकम इस साल सरकारी बैंकों में डाली जाएगी। उनके मुताबिक, पीएनबी और एसबीआई जैसे बड़े सरकारी बैंकों को शायद 2018-19 में ज्यादा पूंजी की आवश्यकता नहीं होगी। नियामकीय स्तर बनाए रखने के लिए पीएनबी को अब तक सरकार की ओर से दो बार पूंजी मिल चुकी है। अधिकारी ने कहा कि आरबीआई द्वारा बासेल-3 के नियमों के तहत पूंजी पर्याप्तता को सुनिश्चित करने के लिए लिए दी गई समय-सीमा को मार्च, 2020 तक बढ़ाए जाने के फैसले के बाद सरकारी बैंकों को कम पूंजी की आवश्यकता होगी।

 

2.11 लाख करोड़ की पूंजी डालने की घोषणा

केंद्र सरकार ने अक्तूबर, 2017 में सरकारी बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपये की पूंजी डालने की घोषणा की थी। इसके मुताबिक, सरकारी बैंकों को 1.35 लाख करोड़ रुपये की रकम पुनर्पूंजीकरण बांड के जरिए मिलना है, जबकि शेष 58,000 करोड़ रुपये की रकम बाजार से जुटाई जानी है।
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