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कोरोना की दूसरी लहर आई तो अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना होगा मुश्किलः आरबीआई गवर्नर
Sat, 24 Oct 2020 12:44 AM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 24 Oct 2020 12:44 AM IST
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आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास
- फोटो : PTI
आरबीआई के एमपीसी की बैठक में गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौजूदा अर्थव्यवस्था और कोरोना महामारी को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अगर कोरोना की दूसरी लहर आती है तो अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाना मुश्किल हो जाएगा। वहीं डिप्टी गवर्नर माइकल देबप्राता पात्रा ने कहा कि अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की भरपाई में काफी वक्त लग सकता है।
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एमपीसी की बैठक में शामिल सदस्यों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि कोरोना महामारी ने जिस तरह से अर्थव्यवस्था को तहस-नहस किया है उसके सामान्य होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन कोविड-19 से पहले वाली स्थिति में पहुंचने में अभी भी तीन से चार तिमाहियों का वक्त लगेगा।
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गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट में कटौती आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि अगर महंगाई की दर उम्मीद के मुताबिक रहती है तो ब्याज दरों में और कटौती का रास्ता निकल सकता है।
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बैठक में सभी सदस्य ने कहा कि हमारी कोशिश बाजार में ज्यादा से ज्यादा तरलता प्रवाह बढ़ाने की होनी चाहिए। तरलता प्रवाह बढ़ाने के लिए सिर्फ रेपो रेट में कटौती ही एक रास्ता नहीं है बल्कि दूसरे उपाय भी किये जा रहे हैं।
बता दें कि एमपीसी की बैठक में आरबीआई गवर्नर के अलावा डॉ. शशांक भिडे, डॉ. अमीशा गोयल, प्रो जयंत वर्मा, डॉ. एम के सागर और डॉ. माइकल देबब्रता पात्रा शामिल हैं।