{"_id":"598ea76f4f1c1b2f0e8b4a2c","slug":"rbi-gives-blow-to-maharashtra-government-on-farm-loan-waiver","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र सरकार को RBI ने दिया झटका, किसानों की कर्ज माफी पर नियमों में ढील देने से किया इंकार","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
महाराष्ट्र सरकार को RBI ने दिया झटका, किसानों की कर्ज माफी पर नियमों में ढील देने से किया इंकार
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Sat, 12 Aug 2017 01:30 PM IST
विज्ञापन
देवेंद्र फड़णवीस
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र सरकार द्वारा किसानों का कर्ज माफ करने के ऐलान को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने झटका दे दिया है। आरबीआई ने कहा है कि वो किसी भी हालत में किसानों के कर्ज को माफ नहीं करेंगे और न ही नियमों में ढील देंगे।
पढ़ेंः महाराष्ट्रः फडणवीस का बड़ा फैसला, किसानों का डेढ लाख कर्ज माफ, 89 लाख को मिलेगा लाभ
इसके साथ ही आरबीआई ने साफ कर दिया है कि वो पहले से चले आ रहे किसानों के पुराने कर्ज को नॉन पर्फॉमिंग असेट (एनपीए) में डाल दिया है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, आरबीआई के इस कदम से राज्य सरकार द्वारा 34 हजार करोड़ के कर्ज माफ करने के फैसले पर अमल नहीं हो पाएगा। यह रकम कुल किसानों के कर्ज का 67 फीसदी हिस्सा था।
विज्ञापन
पढ़ेंः महाराष्ट्र, पंजाब के बाद कर्नाटक सरकार ने भी किया किसानों का कर्ज माफ
यह कर्ज किसानों ने ग्रामीण बैंकों से लिया था, जिसको माफ करने के लिए आरबीआई की अनुमति लेना जरूरी था। 10 जुलाई को राज्य सरकार आरबीआई के पास गई थी, जिसे 7 अगस्त को आरबीआई के कार्यकारी निदेशक सुदर्शन सेन ने रिजेक्ट कर दिया था।
आरबीआई ने कहा है कि राज्य सरकार पहले से जारी लोन जो कि एनपीए के तहत आता है, उसको 31 दिसंबर, 2107 तक जमा करें। इसके बाद ही सरकार के किसी प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
विज्ञापन
पढ़ेंः महाराष्ट्रः फडणवीस का बड़ा फैसला, किसानों का डेढ लाख कर्ज माफ, 89 लाख को मिलेगा लाभ
विज्ञापन
इसके साथ ही आरबीआई ने साफ कर दिया है कि वो पहले से चले आ रहे किसानों के पुराने कर्ज को नॉन पर्फॉमिंग असेट (एनपीए) में डाल दिया है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, आरबीआई के इस कदम से राज्य सरकार द्वारा 34 हजार करोड़ के कर्ज माफ करने के फैसले पर अमल नहीं हो पाएगा। यह रकम कुल किसानों के कर्ज का 67 फीसदी हिस्सा था।
विज्ञापन
पढ़ेंः महाराष्ट्र, पंजाब के बाद कर्नाटक सरकार ने भी किया किसानों का कर्ज माफ
यह कर्ज किसानों ने ग्रामीण बैंकों से लिया था, जिसको माफ करने के लिए आरबीआई की अनुमति लेना जरूरी था। 10 जुलाई को राज्य सरकार आरबीआई के पास गई थी, जिसे 7 अगस्त को आरबीआई के कार्यकारी निदेशक सुदर्शन सेन ने रिजेक्ट कर दिया था।
आरबीआई ने कहा है कि राज्य सरकार पहले से जारी लोन जो कि एनपीए के तहत आता है, उसको 31 दिसंबर, 2107 तक जमा करें। इसके बाद ही सरकार के किसी प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।