सुप्रीम कोर्ट का आदेश, ग्राहक को Unitech दे 14 फीसदी ब्याज
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तय समय पर फ्लैट न देना यूनिटेक रिसॉर्ट लिमिटेड को काफी महंगा पड़ रहा है। यूनिटेक को 39 लोगों को मूलधन वापस करने का फैसला देने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर से इन सभी लोगों को 14 फीसदी ब्याज की रकम भी देने के लिए कहा है।
मामला गुरुग्राम के विस्ता हाउसिंग प्रोजेक्ट का है। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने यूनिटेक से कहा कि वह 39 लोगों को बतौर जुर्माना 14 फीसदी ब्याज अदा करे।
यूनिटेक को वर्ष 2010 से लेकर अब तक हर वर्ष 14 फीसदी के हिसाब से यह रकम चुकानी है।
आठ हफ्तों में 90 फीसदी जमा करे यूनिटेक
पीठ ने यूनिटेक को इस रकम का 90 फीसदी आठ हफ्ते के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि यूनिटेक मूलधन के रूप में पहले ही 16.55 करोड़ रुपये जमा करा चुकी है। इन 39 निवेशकों ने गुरुग्राम के सेक्टर-70 में यूनिटेक के विस्ता प्रोजेक्ट में फ्लैट के लिए वर्ष 2010 में 16.55 करोड़ रुपये जमा किए थे।
इन सभी को यूनिटेक ने वर्ष 2012 में फ्लैट देने का वादा किया था। लेकिन समय पर फ्लैट न देने पर इन 39 निवेशकों ने रकम वापस करने की इच्छा जाहिर की थी।
इसके बाद राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने यूनिटेक से इन निवेशकों को 12 फीसदी ब्याज सहित मूलधन वापस करने के लिए कहा था। आयोग के इस फैसले को यूनिटेक ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।