पहली तिमाही में 58 फीसदी बढ़ी मकानों की बिक्री, एनारॉक ने जारी किया आंकड़ा
- 78,520 मकान बिके 2019 की पहली तिमाही में सात शहरों में
- 51 फीसदी बिक्री बढ़ी सबसे बड़े प्रॉपर्टी बाजारों में शामिल एनसीआर में
- पिछले कुछ महीनों में सरकार द्वारा पेश विभिन्न प्रोत्साहनों से सकारात्मक रही बाजार की धारणा
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देश के सात प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च, 2019 के दौरान मकानों की बिक्री 58 फीसदी बढ़कर 78,520 इकाई पर पहुंच गई है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एनारॉक का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में सरकार द्वारा पेश किए गए विभिन्न प्रोत्साहनों से बाजार की धारणा सकारात्मक रही, जिस कारण मकानों की बिक्री में इजाफा देखने को मिला है।
प्रॉपर्टी कंसल्टेंट ने सात शहरों एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), बंगलूरू, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता के रियल एस्टेट का आकलन कर यह परिणाम जारी किया है। एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि एनबीएफसी संकट के कारण 2019 की पहली तिमाही में मकानों की बिक्री में गिरावट की आशंका जताई गई थी, लेकिन मकानों की बिक्री और नई आपूर्ति में बढ़त के संकेत मिल रहे हैं।
रियल एस्टेट क्षेत्र में आशा की नई किरण
पुरी ने कहा कि 2019 के पहले तीन महीनों में सरकार की ओर से मिले तीन प्रोत्साहनों के बाद वर्तमान में इस क्षेत्र में आशावाद की एक नई किरण दिख रही है। इससे न केवल मकान खरीदने वालों की धारणा मजबूत होगी बल्कि बिल्डरों एवं दीर्घकालिक निवेशकों के आत्मविश्वास को भी बढ़ावा मिलेगा।
एनारॉक ने मकानों की मांग बढ़ने के पीछे अंतरिम बजट, जीएसटी दरों में कटौती और आरबीआई द्वारा रेपो रेट कम करने के बाद होम लोन की दरों में कटौती को कारण बताया। इसके अलावा दूसरे मकान की खरीद पर सरकार द्वारा विभिन्न प्रोत्साहन देने की घोषणा से भी मकानों की मांग में इजाफा हुआ है।
सबसे ज्यादा एमएमआर में 95 फीसदी बढ़ी बिक्री
आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी-मार्च के दौरान मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में मकानों की बिक्री 95 फीसदी बढ़कर 24,010 इकाई रही है। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 12,300 इकाई था।
पुणे में बिक्री पिछले साल के मुकाबले 80 फीसदी बढ़कर 12,340 इकाई रही। देश के सबसे बड़े प्रॉपर्टी बाजारों में शामिल एनसीआर में यह आंकड़ा 51 फीसदी बढ़कर 13,740 इकाई, चेन्नई में 42 फीसदी बढ़कर 3,430 इकाई, बंगलूरू एवं हैदराबाद में 33-33 फीसदी बढ़कर क्रमश: 15,580 तथा 5,400 इकाई और कोलकाता में 18 फीसदी बढ़कर 4,020 इकाई रहा।
बिक्री में धीरे-धीरे सुधार
एनारॉक का कहना है कि 2017 में लागू नोटबंदी, रेरा और जीएसटी के प्रभाव से मकानों की बिक्री प्रभावित हुई थी, जिसमें पिछले एक साल से धीरे-धीरे सुधार हुआ है। 2019 में रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आने की उम्मीद है।
प्रीमियम घरों के लिए जीएसटी दर में 5 फीसदी और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के बिना किफायती घरों के लिए एक फीसदी की कटौती से इस संकटग्रस्त क्षेत्र को राहत मिलेगी। साथ ही यह 2019 की अगली तीन तिमाहियों में गति बनाए रखने में निश्चित रूप से मदद करेगा।