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मोदी सरकार की तैयारी, दो सालों में एक करोड़ युवाओं को देगी नौकरी!
amarujala.com, Presented By: अजय कुमार सिंह
Updated Tue, 09 May 2017 10:05 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने घोषणा पत्र में एक करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन मई में तीन साल पूरा करने जा रही केन्द्र सरकार इस वादे पर खरा नहीं उतर पाई है। अब सरकार को चिंता सता रही है कि अगर इस वादे को पूरा नहीं कर पाए तो आनेवाले चुनावों में पार्टी को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर की मुताबिक, पीएम मोदी ने कैबिनेट को भेजे जाने वाले सभी प्रस्तावों में इस बात का जिक्र करने का निर्देश दिया है कि उन प्रस्तावों को लागू करने पर कितने रोजगार के मौके पैदा होंगे। अखबार ने वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण से बातचीत के आधार पर लिखा है कि कैबिनट में जब कभी कोई प्रस्ताव आता है तो पीएम रोजगार के बारे में जरूर पूछते हैं। उन्होंने कहा, 'जब भी कोई प्रस्ताव चर्चा के लिए आता है तो प्रधानमंत्री कैबिनेट मीटिंग में पूछते हैं कि रोजगार के कितने मौके बनेंगे?'
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सरकार अपनी मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी की समीक्षा भी कर रही है ताकि उसे जॉब क्रिएशन के उद्देश्य के मुताबिक बदला जा सके। वहीं, कौशल बढ़ाने के कार्यक्रम को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि नौकरियों की तलाश में निकलने वाले लोग नई जॉब्स के लिए पहले से तैयार होंगे।
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गौरतलब है कि कुछ दिन पहले नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने न्यू इंडिया के विचार को धरातल पर उतारने के लिए भी मुख्यमंत्रियों का सहयोग मांगा था। वहीं रोजगार के नए मौके पैदा करने के लिए नीति आयोग ने एक्शन प्लान बनाया है। आयोग ने बैठक में इस प्लान को पेश भी किया था। सीआईआई ने एक आंकड़े में बताया था कि 2012 से 2016 के बीच भारत में रोजगार के 1.46 करोड़ मौके बने थे।