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राहत की उम्मीद: पांच रुपये प्रति लीटर तक सस्ता हो सकता है पेट्रोल

Fri, 08 Jan 2021 05:54 AM IST
Jeet Kumar बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 08 Jan 2021 05:54 AM IST
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Petrol can be cheaper by up to five rupees per liter
पेट्रोल-डीजल - फोटो : iStock

रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी पेट्रोल कीमतों पर जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सरकार से ऊंची पेट्रोल, डीजल कीमतों पर राहत देने की सिफारिश की है। मंत्रालय ने कहा है कि उत्पाद शुल्क में कटौती कर जनता को बड़ी राहत दी जा सकती है।

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मंत्रालय के मुताबिक, कोरोनाकाल में पेट्रोल डीजल पर बढ़ाए गए उत्पाद शुल्क में अगर 50 फीसदी कटौती भी कर दी जाए, तो पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर तक नीचे आ सकते हैं। 
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लॉकडाउन के दौरान सरकार ने पेट्रोल पर एकमुश्त 10 रुपये उत्पाद शुल्क बढ़ाया था। मंत्रालय ने कहा कि अगर उत्पाद शुल्क में कटौती की जाती है तो उपभोक्ताओं को इसका पूरा लाभ पहुंचाने के लिए राज्यों को भी सहयोग करना होगा।
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उन्हें वैट में कटौती के लिए केंद्र से सहमति जतानी होगी। मंत्रालय का कहना है कि उत्पाद शुल्क में कटौती के अलावा वैट घटाने और तेल कंपनियों से भी कुछ बोझ उठाने के लिए कहा जा सकता है।

ओपेक देशों के क्रूड उत्पादन में कटौती के फैसले से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। इस कारण घरेलू तेल विपणन कंपनियों ने भी 29 दिन बाद पेट्रोल डीजल कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं।

26 रुपये के पेट्रोल पर 52 रुपये टैक्स
ग्राहकों को दिल्ली के पेट्रोल पंप पर 84.20 रुपये प्रति लीटर मिलने वाले पेट्रोल का वास्ताविक मूल्य महज 26 फीसदी है। केंद्र सरकार इस आधार मूल्य का 125 फीसदी यानी 32.98 रुपये शुल्क व टैक्स के रूप में 19 रुपये लेती है। शेष 6.22 रुपये प्रति लीटर डीलर्स व कंपनियों का मुनाफा होता है।

पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती चाहते हैं 69 प्रतिशत लोग: सर्वे
करीब 69 प्रतिशत लोग पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती चाहते हैं। देश में वाहन ईंधन के दाम इस समय रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। ऐसे में लोगों का मानना है कि सरकार को वाहन ईंधन पर शुल्क घटाना चाहिए।

ईंधन कीमतों में केंद्रीय उत्पाद शुल्क एक प्रमुख हिस्सा होता है। कम्युनिटी सोशल मीडिया मंच लोकल सर्किल्स के सर्वे के अनुसार कोविड-19 महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था सुस्त है। लोगों की आमदनी भी इससे प्रभावित हुई है। ऐसे में वाहन ईंधन के दाम घटने से लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

सर्वे के अनुसार, 69 प्रतिशत लोगों का कहना है कि सरकार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती करनी चाहिए। इनमें से ज्यादातर लोगों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम में 20 प्रतिशत या छह रुपये या इससे अधिक की कटौती होनी चाहिए।

यदि ऐसा किया जाता है, तो दिल्ली में पेट्रोल का दाम घटकर 78 रुपये और डीजल का 68 रुपये प्रति लीटर पर आ जाएगा। इसी तरह देश के अन्य हिस्सों में भी वाहन ईंधन के दाम नीचे आएंगे। दिल्ली में पेट्रोल और डीजल का दाम देश में सबसे कम है।


सर्वे में देश के 201 जिलों के 9,326 लोगों के विचार लिए गए। इनमें 71 प्रतिशत पुरुष और 29 प्रतिशत महिलाएं हैं। राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार को पेट्रोल 84.20 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। यह इसका सर्वकालिक उच्चस्तर है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों ने लगातार दूसरे दिन वाहन ईंधन के दाम बढ़ाए हैं।

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