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अमेरिका-वेनेजुएला तेल समझौता: 17 इलाकों पर 100 साल का अधिकार, कंपनी में पेंटागन को 35% हिस्सा; और क्या शामिल?
Tue, 01 Sep 2026 08:14 AM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 01 Sep 2026 08:14 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश और नियंत्रण हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रस्तावित साझेदारी में अमेरिकी सरकार और नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स मिलकर एक नई निजी कंपनी बनाएंगे। समझौते के तहत पेंटागन को कंपनी में 35 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलने की बात कही गई है। आइए जानते हैं इस तेल समझौते में अमेरिका को और क्या-क्या फायदा मिला है...
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तेल समझौते से अमेरिका क्यों खुश?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
व्हाइट हाउस ने सोमवार को कहा कि अमेरिका नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स के साथ साझेदारी कर रहा है। यह एलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वेनेजुएला के तेल उद्योग तक पहुंच बनाने के प्रयास के तहत किया गया है। इस समझौते के तहत पेंटागन को वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार के करीब पांचवें हिस्से पर हिस्सेदारी मिलेगी।
ट्रंप प्रशासन ने सोमवार रात इस समझौते से जुड़ी और जानकारी जारी की। ट्रंप ने कुछ दिन पहले इसे इतिहास का सबसे बड़ा तेल समझौता बताया था। हालांकि, विश्लेषकों ने इस समझौते पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वेनेजुएला में तेल उत्पादन को फिर से बढ़ाने में कई साल लग सकते हैं।
अमेरिका ने कैसे रूस और चीन को दिया झटका?
इसके बावजूद ट्रंप और उनके सहयोगी इसे पश्चिमी गोलार्ध में एक नए तेल महाशक्ति के विकास के अवसर के तौर पर पेश कर रहे हैं। समझौते के तहत अमेरिका, नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स के साथ एक संयुक्त उद्यम के रूप में निजी कंपनी बनाएगा। व्हाइट हाउस ने कई दिनों तक इस जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया था।
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वेनेजुएला के कारोबारी अलेजांद्रो बेटनकोर्ट की कंपनी नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स पहले से ही वेनेजुएला में शेवरॉन के बाद दूसरी सबसे बड़ी तेल परिचालक कंपनी है। व्हाइट हाउस के अनुसार, वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज कंपनी को 17 तेल क्षेत्रों पर 100 वर्षों के अधिकार दे रही हैं। इन क्षेत्रों में 65 अरब बैरल के प्रमाणित तेल भंडार हैं। इनमें से कई तेल क्षेत्र पहले रूसी या चीनी कंपनियों के पास थे।
समझौते में अमेरिका को क्या-क्या मिला?
व्हाइट हाउस ने सोमवार को बताया कि इस समझौते के तहत पेंटागन को कंपनी में 35 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी। वहीं, विदेश विभाग को कुल उत्पादन का 20 प्रतिशत लागत मूल्य पर खरीदने की गारंटी मिलेगी। बेटनकोर्ट की कंपनी ने तेल से जुड़े नए बुनियादी ढांचे में 100 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश करने पर सहमति जताई है।
ट्रंप जनवरी में हुए उस सैन्य अभियान के बाद से वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को संघीय नार्को आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में पकड़ा गया था। व्हाइट हाउस ने दावा किया कि यह समझौता अमेरिका के लिए "शून्य लागत" पर होगा। साथ ही, सरकार को कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्यों पर वीटो का अधिकार होगा, जिनमें अधिकांश अमेरिकी नागरिक होंगे।
वेनेजुएला संग तेल समझौते में क्या है जोखिम?
व्हाइट हाउस ने समझौते से जुड़े एक तथ्य पत्रक में कहा, "नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स के पास प्रतिष्ठित अमेरिकी लेखा परीक्षक, वकील और सलाहकार होंगे। अमेरिकी सरकार और नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स के बीच समझौता अमेरिकी कानून के तहत होगा और यह अमेरिकी अदालतों के अधिकार क्षेत्र में आएगा।"
अमेरिकी सरकार के पूर्व ऊर्जा सलाहकारों ने इस समझौते में राजनीतिक जोखिम होने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि वेनेजुएला या अमेरिका में भविष्य में आने वाली सरकारें इस समझौते को चुनौती दे सकती हैं।
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ट्रंप प्रशासन ने सोमवार रात इस समझौते से जुड़ी और जानकारी जारी की। ट्रंप ने कुछ दिन पहले इसे इतिहास का सबसे बड़ा तेल समझौता बताया था। हालांकि, विश्लेषकों ने इस समझौते पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वेनेजुएला में तेल उत्पादन को फिर से बढ़ाने में कई साल लग सकते हैं।
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अमेरिका ने कैसे रूस और चीन को दिया झटका?
इसके बावजूद ट्रंप और उनके सहयोगी इसे पश्चिमी गोलार्ध में एक नए तेल महाशक्ति के विकास के अवसर के तौर पर पेश कर रहे हैं। समझौते के तहत अमेरिका, नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स के साथ एक संयुक्त उद्यम के रूप में निजी कंपनी बनाएगा। व्हाइट हाउस ने कई दिनों तक इस जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया था।
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वेनेजुएला के कारोबारी अलेजांद्रो बेटनकोर्ट की कंपनी नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स पहले से ही वेनेजुएला में शेवरॉन के बाद दूसरी सबसे बड़ी तेल परिचालक कंपनी है। व्हाइट हाउस के अनुसार, वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज कंपनी को 17 तेल क्षेत्रों पर 100 वर्षों के अधिकार दे रही हैं। इन क्षेत्रों में 65 अरब बैरल के प्रमाणित तेल भंडार हैं। इनमें से कई तेल क्षेत्र पहले रूसी या चीनी कंपनियों के पास थे।
समझौते में अमेरिका को क्या-क्या मिला?
व्हाइट हाउस ने सोमवार को बताया कि इस समझौते के तहत पेंटागन को कंपनी में 35 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी। वहीं, विदेश विभाग को कुल उत्पादन का 20 प्रतिशत लागत मूल्य पर खरीदने की गारंटी मिलेगी। बेटनकोर्ट की कंपनी ने तेल से जुड़े नए बुनियादी ढांचे में 100 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश करने पर सहमति जताई है।
ट्रंप जनवरी में हुए उस सैन्य अभियान के बाद से वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को संघीय नार्को आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में पकड़ा गया था। व्हाइट हाउस ने दावा किया कि यह समझौता अमेरिका के लिए "शून्य लागत" पर होगा। साथ ही, सरकार को कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्यों पर वीटो का अधिकार होगा, जिनमें अधिकांश अमेरिकी नागरिक होंगे।
वेनेजुएला संग तेल समझौते में क्या है जोखिम?
व्हाइट हाउस ने समझौते से जुड़े एक तथ्य पत्रक में कहा, "नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स के पास प्रतिष्ठित अमेरिकी लेखा परीक्षक, वकील और सलाहकार होंगे। अमेरिकी सरकार और नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स के बीच समझौता अमेरिकी कानून के तहत होगा और यह अमेरिकी अदालतों के अधिकार क्षेत्र में आएगा।"
अमेरिकी सरकार के पूर्व ऊर्जा सलाहकारों ने इस समझौते में राजनीतिक जोखिम होने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि वेनेजुएला या अमेरिका में भविष्य में आने वाली सरकारें इस समझौते को चुनौती दे सकती हैं।