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व्यापार जगत की सुर्खियां: सुभाष चंद्रा मामले में एनसीएलटी ने पांच-सदस्यीय पीठ बनाई, इतिहास में पहली बार गठन
Tue, 01 Sep 2026 05:32 AM IST
ज्योति भास्कर
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 01 Sep 2026 05:32 AM IST
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स
- फोटो : amarujala.com
दिवालियापन के मामलों का निपटारा करने वाले न्यायाधिकरण- NCLT ने सोमवार को सुभाष चंद्रा के 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के दावों वाले व्यक्तिगत दिवाला मामले में पांच-सदस्यीय पीठ बनाने का फैसला लिया है। एक खंडपीठ बहुमत पर सहमत नहीं हो पाई थी। NCLT के इतिहास में पहली बार बनी इस पीठ की अध्यक्षता अध्यक्ष जस्टिस अनूपिंदर सिंह ग्रेवाल करेंगे। सुनवाई मंगलवार को प्रधान पीठ में शुरू होगी।
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निर्मला सीतारमण ने G20 बैठक में यूके के चांसलर जॉन हीली से की मुलाकात
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को G20 बैठक के इतर यूके के चांसलर ऑफ द एक्सचेकर जॉन हीली से मुलाकात की। सीतारमण 29 अगस्त से 2 सितंबर तक अमेरिका के छह दिवसीय दौरे पर हैं। यह कनाडा से शुरू हुए नौ दिवसीय व्यापक दौरे का हिस्सा है। वह उत्तरी कैरोलिना के एशविले में G20 वित्त मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए पहुंचीं। इस बैठक में पश्चिम एशिया और यूरोप में संघर्षों के बीच वैश्विक वृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। G20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (FMCBG) की बैठक के इतर यह "ब्रश असाइड" मुलाकात हुई, जिसकी जानकारी वित्त मंत्रालय ने एक्स पर दी। हीली को पिछले महीने एंडी बर्नहैम के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद चांसलर ऑफ द एक्सचेकर बनाया गया था। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट सोमवार और मंगलवार को एशविले में G20 FMCBG बैठक की मेजबानी कर रहे हैं।
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आईटीसी इन्फोटेक और हैपिएस्ट माइंड्स का विलय, FY28 तक 1 अरब डॉलर टर्नओवर का लक्ष्य
आईटीसी लिमिटेड की सहायक कंपनी आईटीसी इन्फोटेक का बेंगलुरु स्थित हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज के साथ विलय होगा। इसका लक्ष्य FY28 तक 1 अरब डॉलर के टर्नओवर वाली एआई-फर्स्ट एंटरप्राइज बनाना है। विलय से पहले, आईटीसी इन्फोटेक हैपिएस्ट माइंड्स के प्रमोटर अशोक सूटा और अशोक सूटा मेडिकल रिसर्च एलएलपी से 22.106 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी। यह खरीद दो चरणों में होगी: पहले 11 फीसदी 390 रुपये प्रति शेयर पर, फिर 11.106 फीसदी 400 रुपये प्रति शेयर पर। विलय प्रभावी होने पर, आईटीसी इन्फोटेक को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। हैपिएस्ट माइंड्स के हर 81 शेयरों के लिए आईटीसी इन्फोटेक के 25 इक्विटी शेयर मिलेंगे। इस सौदे के बाद आईटीसी लिमिटेड संयुक्त इकाई का 73.4 फीसदी हिस्सेदारी के साथ प्रमोटर बन जाएगा। संयुक्त इकाई का वैश्विक कार्यबल 19,000 से अधिक पेशेवरों का होगा। यह FY26 के संयुक्त राजस्व 7,033 करोड़ रुपये के साथ भारत की 11वीं सबसे बड़ी सूचीबद्ध आईटी सेवा कंपनी बनेगी। संजीव पुरी ने कहा कि यह विलय भौगोलिक क्षेत्रों में अत्याधुनिक समाधान देने की क्षमता बढ़ाएगा। हैपिएस्ट माइंड्स के बोर्ड ने अपना पंजीकृत कार्यालय कर्नाटक से पश्चिम बंगाल स्थानांतरित करने को भी मंजूरी दी है।
आईटीसी लिमिटेड की सहायक कंपनी आईटीसी इन्फोटेक का बेंगलुरु स्थित हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज के साथ विलय होगा। इसका लक्ष्य FY28 तक 1 अरब डॉलर के टर्नओवर वाली एआई-फर्स्ट एंटरप्राइज बनाना है। विलय से पहले, आईटीसी इन्फोटेक हैपिएस्ट माइंड्स के प्रमोटर अशोक सूटा और अशोक सूटा मेडिकल रिसर्च एलएलपी से 22.106 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी। यह खरीद दो चरणों में होगी: पहले 11 फीसदी 390 रुपये प्रति शेयर पर, फिर 11.106 फीसदी 400 रुपये प्रति शेयर पर। विलय प्रभावी होने पर, आईटीसी इन्फोटेक को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। हैपिएस्ट माइंड्स के हर 81 शेयरों के लिए आईटीसी इन्फोटेक के 25 इक्विटी शेयर मिलेंगे। इस सौदे के बाद आईटीसी लिमिटेड संयुक्त इकाई का 73.4 फीसदी हिस्सेदारी के साथ प्रमोटर बन जाएगा। संयुक्त इकाई का वैश्विक कार्यबल 19,000 से अधिक पेशेवरों का होगा। यह FY26 के संयुक्त राजस्व 7,033 करोड़ रुपये के साथ भारत की 11वीं सबसे बड़ी सूचीबद्ध आईटी सेवा कंपनी बनेगी। संजीव पुरी ने कहा कि यह विलय भौगोलिक क्षेत्रों में अत्याधुनिक समाधान देने की क्षमता बढ़ाएगा। हैपिएस्ट माइंड्स के बोर्ड ने अपना पंजीकृत कार्यालय कर्नाटक से पश्चिम बंगाल स्थानांतरित करने को भी मंजूरी दी है।
कोल इंडिया की दो बड़ी कंपनियों का आईपीओ जल्द
सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया लि. ने अपनी दो बड़ी सहायक कंपनियों साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. (एसईसीएल) और महानदी कोलफील्ड्स लि. (एमसीएल) के आईपीओ को लेकर बड़ा एलान किया है। चेयरमैन बी साईराम ने कहा कि दोनों कंपनियों की लिस्टिंग चालू वित्त वर्ष 2026-27 के भीतर पूरी कर ली जाएगी। आईपीओ का सही समय बाजार की परिस्थितियों और सरकार के निर्देशों पर निर्भर करेगा। कोल इंडिया के निदेशक मंडल ने मार्च 2026 में दोनों कंपनियों में 25-25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल के जरिये होगी। इससे पहले कोल इंडिया अपनी दो अन्य सहायक कंपनियों भारत कोकिंग और सेंट्रल माइन प्लानिंग को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कर चुकी है।
सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया लि. ने अपनी दो बड़ी सहायक कंपनियों साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. (एसईसीएल) और महानदी कोलफील्ड्स लि. (एमसीएल) के आईपीओ को लेकर बड़ा एलान किया है। चेयरमैन बी साईराम ने कहा कि दोनों कंपनियों की लिस्टिंग चालू वित्त वर्ष 2026-27 के भीतर पूरी कर ली जाएगी। आईपीओ का सही समय बाजार की परिस्थितियों और सरकार के निर्देशों पर निर्भर करेगा। कोल इंडिया के निदेशक मंडल ने मार्च 2026 में दोनों कंपनियों में 25-25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल के जरिये होगी। इससे पहले कोल इंडिया अपनी दो अन्य सहायक कंपनियों भारत कोकिंग और सेंट्रल माइन प्लानिंग को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कर चुकी है।
10 दिन बाद घट सकती हैं चीनी की खुदरा कीमतें
चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार के हस्तक्षेप का असर थोक बाजार में दिखने लगा है। सरकारी उद्योग सूत्रों के अनुसार, खुदरा कीमतों में नरमी दिखने में कम से कम 10 दिन लग सकते हैं। मिलों से निकलने वाली चीनी कीमत करीब 30 फीसदी गिरकर 47 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। 18 अगस्त को यह 67 प्रति किलो के शीर्ष पर पहुंच गई थी। हालांकि, मिल भाव में बड़ी गिरावट के बावजूद आम ग्राहकों को अभी इसका फायदा नहीं मिला है। उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को खुदरा बाजार में चीनी की औसत कीमत 65 रुपये प्रति किलो के आसपास बनी हुई थी, जबकि थोक बाजार में यह 59.72 रुपये प्रति किलो रही। मिल वाली चीनी की कीमत में बदलाव का असर खुदरा बाजार में देर से दिखाई देता है। इसकी वजह दुकानदारों के पास पहले से मौजूद महंगा स्टॉक है।
चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार के हस्तक्षेप का असर थोक बाजार में दिखने लगा है। सरकारी उद्योग सूत्रों के अनुसार, खुदरा कीमतों में नरमी दिखने में कम से कम 10 दिन लग सकते हैं। मिलों से निकलने वाली चीनी कीमत करीब 30 फीसदी गिरकर 47 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। 18 अगस्त को यह 67 प्रति किलो के शीर्ष पर पहुंच गई थी। हालांकि, मिल भाव में बड़ी गिरावट के बावजूद आम ग्राहकों को अभी इसका फायदा नहीं मिला है। उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को खुदरा बाजार में चीनी की औसत कीमत 65 रुपये प्रति किलो के आसपास बनी हुई थी, जबकि थोक बाजार में यह 59.72 रुपये प्रति किलो रही। मिल वाली चीनी की कीमत में बदलाव का असर खुदरा बाजार में देर से दिखाई देता है। इसकी वजह दुकानदारों के पास पहले से मौजूद महंगा स्टॉक है।
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर के चेयरमैन पार्थ जिंदल
कार बनाने वाली कंपनी जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया के बोर्ड ने पार्थ जिंदल को कंपनी का चेयरमैन नियुक्त किया है। इससे पहले, वह कंपनी के निदेशक थे। पार्थ जेएसडब्ल्यू सीमेंट और जेएसडब्ल्यू पेंट्स के एमडी, जेएसडब्ल्यू ड्यूलक्स के चेयरमैन और जेएसडब्ल्यू एनर्जी के बोर्ड में निदेशक भी हैं।
77,500 करोड़ खर्च करेगी मारुति सुजुकी
एक अन्य वाहन कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2030-31 तक पांच साल के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 77,500 करोड़ रुपये कर दिया है। इसका इस्तेमाल कंपनी की क्षमता विस्तार, नए मॉडल और अनुसंधान एवं विकास समेत अन्य जरूरतों के लिए किया जाएगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ हिसाशी ताकेउची ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कार बनाने वाली कंपनी जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया के बोर्ड ने पार्थ जिंदल को कंपनी का चेयरमैन नियुक्त किया है। इससे पहले, वह कंपनी के निदेशक थे। पार्थ जेएसडब्ल्यू सीमेंट और जेएसडब्ल्यू पेंट्स के एमडी, जेएसडब्ल्यू ड्यूलक्स के चेयरमैन और जेएसडब्ल्यू एनर्जी के बोर्ड में निदेशक भी हैं।
77,500 करोड़ खर्च करेगी मारुति सुजुकी
एक अन्य वाहन कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2030-31 तक पांच साल के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 77,500 करोड़ रुपये कर दिया है। इसका इस्तेमाल कंपनी की क्षमता विस्तार, नए मॉडल और अनुसंधान एवं विकास समेत अन्य जरूरतों के लिए किया जाएगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ हिसाशी ताकेउची ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अब तक रिकॉर्ड 7.5 करोड़ आईटीआर दाखिल
आकलन वर्ष 2026-27 के लिए अब तक रिकॉर्ड 7.5 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें 31 जुलाई तक जमा किए गए 5.9 करोड़ से अधिक आईटीआर-1 और आईटीआर-2 भी शामिल हैं। संख्या और बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि जिनकी आमदनी कारोबार से है व ऑडिट नहीं होना है, उनके लिए रिटर्न की समय सीमा 31 अगस्त को खत्म हो रही है।
आकलन वर्ष 2026-27 के लिए अब तक रिकॉर्ड 7.5 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें 31 जुलाई तक जमा किए गए 5.9 करोड़ से अधिक आईटीआर-1 और आईटीआर-2 भी शामिल हैं। संख्या और बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि जिनकी आमदनी कारोबार से है व ऑडिट नहीं होना है, उनके लिए रिटर्न की समय सीमा 31 अगस्त को खत्म हो रही है।