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अपने PF खाते को करें चेक, कई खातों से रकम गायब
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 18 Oct 2013 01:21 PM IST
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अगर आप ने अपना प्रोविडेंट फंड (पीएफ) खाते को इन दिनों चेक नहीं किया तो जरूर उसकी जांच कर लें। क्या पता आपके पीएफ खाते में भी नेगेटिव बैंलेस दिख रहा हो।
जी, हां धोखेबाजों ने अब लोगों के पीएफ खातों में भी सेंध लगा दी है। ईटी की खबर के मुताबिक सभी पीएफ खातों में 30 फीसदी कम या करीब 2.5 करोड़ खातों में नेगेटिव बैलेंस है। धोखाधड़ी करने वाले लोगों ने फर्जी तरह से दावे करके लोगों की रिटायरमेंट बचत को असुरक्षित बना दिया है। धोखाधड़ी करने वालों ने फर्जी पहचान पत्र और संबंधित कागजात लगाकर बैंक अकाउंट खोले हैं।
पीएफ विभाग भौचक्का
पीएफ विभाग पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग दो निष्कर्ष से भौंचक्का है। अब विभाग इस क्षति पूर्ति में जुटा हुआ है। इसने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को सख्त दिशानिर्देश जारी कर इन गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा है। इसके अलावा विभाग में नेगेटिव बैलेंस को ठीक करने और सिस्टम के जरिए कोई फर्जी दावा नहीं होने को सुनिश्चित करने को कहा है।
पीएफ खातों को लेकर चिंता बढ़ी
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करीब 8.15 करोड़ फॉर्मल सेक्टर कर्मचारियों के पीएफ खातों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इनमें उन लोगों की मुश्किलें ज्यादा बढ़ सकती हैं, जो पिछले कुछ सालों के दौरान कई नौकरियों में शिफ्ट हुए हों और पीएफ बैलेंस निकाल नहीं पाएं हों या उसे ट्रांसफर नहीं करा पाए हों। ईपीएफओ के मुख्य जांच अधिकारी संजय कुमार ने आंतरिक जांच शुरू करने के आदेश दिए थे। इसमें फर्जी तरह से पैसे निकालने और लंबे समय से बिना फ्रेश इनफ्लो वाले अकाउंट के साथ गड़बड़ी होने की बात सामने आई है।
निष्क्रिय अकाउंट्स
इस तरह के दावों में सिस्टम की जांच और बैलेंस से पकड़ में नहीं आने वाले हथकंडे अपनाए गए हैं। समझा जाता है कि पीएफ स्टाफ पर इन सभी फर्जी दावों को आसानी से पास करने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपनाए गए हैं। ऐसे में धोखेबाजों को डोरमेंट (निष्क्रिय) अकाउंट्स की जानकारी साझा करने और इस लूट में सक्रिय भागीदारी में इनसाइडर्स के शामिल होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
इस घोटाले के बाद बैंकों पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह बात भी सामने आ रही है कि कई बार एंप्लायर अपने रिश्तेदारों को एंप्लॉयीज बताकर पीएफ अकाउंट बना देते हैं।'
निष्क्रिय खातों में 16,000 करोड़ रुपए
ईपीएफओ ने अप्रैल 2011 में तीन साल से अधिक समय तक डोरमेंट स्थिति वाले अकाउंट्स में इंटरेस्ट क्रेडिट करना बंद कर दिया है। इस समय करीब 3.04 करोड़ पीएफ अकाउंट को डोरमेंट स्टेट या इनऑपरेटिव माना गया है। इन अकाउंट्स में करीब 16,000 करोड़ रुपए का बैलेंस है।
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जी, हां धोखेबाजों ने अब लोगों के पीएफ खातों में भी सेंध लगा दी है। ईटी की खबर के मुताबिक सभी पीएफ खातों में 30 फीसदी कम या करीब 2.5 करोड़ खातों में नेगेटिव बैलेंस है। धोखाधड़ी करने वाले लोगों ने फर्जी तरह से दावे करके लोगों की रिटायरमेंट बचत को असुरक्षित बना दिया है। धोखाधड़ी करने वालों ने फर्जी पहचान पत्र और संबंधित कागजात लगाकर बैंक अकाउंट खोले हैं।
पीएफ विभाग भौचक्का
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पीएफ विभाग पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग दो निष्कर्ष से भौंचक्का है। अब विभाग इस क्षति पूर्ति में जुटा हुआ है। इसने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को सख्त दिशानिर्देश जारी कर इन गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा है। इसके अलावा विभाग में नेगेटिव बैलेंस को ठीक करने और सिस्टम के जरिए कोई फर्जी दावा नहीं होने को सुनिश्चित करने को कहा है।
पीएफ खातों को लेकर चिंता बढ़ी
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करीब 8.15 करोड़ फॉर्मल सेक्टर कर्मचारियों के पीएफ खातों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इनमें उन लोगों की मुश्किलें ज्यादा बढ़ सकती हैं, जो पिछले कुछ सालों के दौरान कई नौकरियों में शिफ्ट हुए हों और पीएफ बैलेंस निकाल नहीं पाएं हों या उसे ट्रांसफर नहीं करा पाए हों। ईपीएफओ के मुख्य जांच अधिकारी संजय कुमार ने आंतरिक जांच शुरू करने के आदेश दिए थे। इसमें फर्जी तरह से पैसे निकालने और लंबे समय से बिना फ्रेश इनफ्लो वाले अकाउंट के साथ गड़बड़ी होने की बात सामने आई है।
निष्क्रिय अकाउंट्स
इस तरह के दावों में सिस्टम की जांच और बैलेंस से पकड़ में नहीं आने वाले हथकंडे अपनाए गए हैं। समझा जाता है कि पीएफ स्टाफ पर इन सभी फर्जी दावों को आसानी से पास करने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपनाए गए हैं। ऐसे में धोखेबाजों को डोरमेंट (निष्क्रिय) अकाउंट्स की जानकारी साझा करने और इस लूट में सक्रिय भागीदारी में इनसाइडर्स के शामिल होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
इस घोटाले के बाद बैंकों पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह बात भी सामने आ रही है कि कई बार एंप्लायर अपने रिश्तेदारों को एंप्लॉयीज बताकर पीएफ अकाउंट बना देते हैं।'
निष्क्रिय खातों में 16,000 करोड़ रुपए
ईपीएफओ ने अप्रैल 2011 में तीन साल से अधिक समय तक डोरमेंट स्थिति वाले अकाउंट्स में इंटरेस्ट क्रेडिट करना बंद कर दिया है। इस समय करीब 3.04 करोड़ पीएफ अकाउंट को डोरमेंट स्टेट या इनऑपरेटिव माना गया है। इन अकाउंट्स में करीब 16,000 करोड़ रुपए का बैलेंस है।