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निवेश के मंत्र 51: क्या हैं इक्विटी म्यूचुअल फंड, निवेश के लिए क्यों है बेहतर विकल्प?
Mon, 29 Jun 2020 10:58 AM IST
Tanuja Yadav
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 29 Jun 2020 10:58 AM IST
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इक्विटी म्यूचुअल फंड
- फोटो : Amar Ujala
इक्विटी म्यूचुअल फंड ज्यादातर इक्विटी या स्टॉक्स में अपना पैसा लगाते हैं। भारत में एक म्यूचुअल फंड स्कीम अपने कॉर्पस का 65 फीसदी हिस्सा इक्विटी, भारतीय स्टॉक्स, टैक्सेशन के लक्ष्य से इक्विटी म्यूचुअल फंड से संबंधित निवेश में लगाती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय फंड के स्टॉक में पैसा लगाने के बाद भी उन्हें इक्विटी की श्रेणी में नहीं रखा जाता है।
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अंतरराष्ट्रीय फंड भारतीय स्टॉक में निवेश नहीं करते हैं, इसलिए उन्हें डेट स्कीम की तरह पेश किया जाता है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के नियमों के मुताबिक देश में इक्विटी म्यूचुअल फंड को दस श्रेणी में बांटा गया है, जो इस तरह हैं...
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मल्टीकैप इक्विटी फंड
जैसा कि नाम से ही साफ हो रहा है, मल्टीकैप इक्विटी फंड वो स्कीम है जो सभी तरह के सेक्टर में निवेश करती है। इसमें लार्जकैप, मिडकैप, स्मॉलकैप और तमाम तरह के सेक्टर शामिल होते हैं।
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लार्जकैप इक्विटी फंड
ये फंड अपने कॉर्पस का 80 फीसदी हिस्सा लार्जकैप कंपनियों में निवेश करता है, फंड के लिए ऐसा करना जरूरी है। बाजार पूंजीकरण के आधार पर देश की टॉप 100 कंपनियों में लार्जकैप फंड निवेश करता है।
लार्ज और मिडकैप इक्विटी फंड
इस स्कीम के तहत अपनी संपत्ति का 35 फीसदी लार्जकैप कंपनियों और 35 फीसदी हिस्सा मिडकैप कंपनियों में निवेश करना जरूरी होता है।
मिडकैप इक्विटी फंड
ये फंड्स अपनी एसेट यानि संपत्ति का 65 फीसदी मिडकैप स्टॉक्स में निवेश करते हैं। मिडकैप कंपनियां वो होती हैं जिनकी बाजार पूंजीकरण के आधार पर रैंक 101-250 के बीच में होती है।
स्मॉलकैप इक्विटी फंड
ये फंड अपने नाम की तरह अपनी संपत्ति या एसेट का 65 फीसदी हिस्सा स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश करती हैं। स्मॉलकैप कंपनियों में उन कंपनियों को शामिल किया गया है, जो बाजार पूंजीकरण के आधार पर 251 पायदान से नीचे आती हैं।
डिविडेंड यील्ड फंड
इस तरह के फंड्स को अपने एसेट का 65 फीसदी डिविडेंड यील्ड स्टॉक में निवेश करना जरूरी होता है।
वैल्यू इक्विटी फंड
ये फंड स्कीम अपने एसेट का 65 फीसदी हिस्सा ऐसे स्टॉक में निवेश करते हैं जो वैल्यू निवेश के सिद्धांतों पर आधारित होते हैं।
कॉन्ट्रा इक्विटी फंड
इस तरह के फंड्स विपरीत निवेश की रणनीति का पालन करते हैं और अपने एसेट का 65 फीसदी हिस्सा उसी रणनीति के आधार पर निवेश करते हैं।
फोक्स्ड इक्विटी फंड
ये फंड ज्यादा से ज्यादा 30 स्टॉक के पोर्टफोलियो में निवेश करते हैं। ज्यादातर फोक्स्ड फंड मल्टीकैप रणनीति का पालन करते हैं।
सेक्टोरल और थीमैटिक फंड
इस तरह के फंड अपने एसेट या संपत्ति का 80 फीसदी हिस्सा किसी विशेष सेक्टर और थीम में निवेश करते हैं।
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम फंड (ईएलएसएस)
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम और टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड में निवेश करना है तो तीन साल का लॉक-इन पीरियड जरूरी होता है। इस तरह के निवेश में आयकर कानून की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिल जाती है।