Sovereign Gold Bond: कम कीमत पर सोना खरीदने का शानदार मौका, जानिए क्या है निवेश की प्रक्रिया?
Sovereign Gold Bond Scheme: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना के तहत सरकार निवेशकों को बाजार मूल्य के मुकाबले सस्ती दरों पर सोना खरीदने का मौका देती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की अगली किस्त 25 अक्टूबर से ग्राहकों के लिए खुलेगी।
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धनतेरस और दिवाली आने में अब कुछ ही दिन रह गए हैं, ऐसे में लोग खरीदारी के लिए उत्सुक है। इस मौके पर अगर आप सस्ते में सोना खरीदना चाह रहे हैं तो आपके लिए सरकार लाई है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना। इसके तहत सरकार निवेशकों को बाजार मूल्य के मुकाबले सस्ती दरों पर सोना खरीदने का मौका देती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की अगली किस्त 25 अक्टूबर से ग्राहकों के लिए खुलेगी। इस किस्त में आप 25 अक्तूबर से 29 अक्तूबर तक निवेश कर सकते हैं। वित्त मंत्रालय की तरफ से यह जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
अक्तूबर 2021- मार्च 2022 के दौरान चार चरणों में जारी किए जाएंगे गोल्ड बॉन्ड
सरकार ने बताया कि 2021-22 सीरीज के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड अक्तूबर 2021- मार्च 2022 के दौरान चार चरणों में जारी किए जाएंगे। इससे पहले मई 2021 से लेकर सितंबर 2021 तक छह चरणों में गोल्ड बॉन्ड लॉन्च किए जा चुके हैं। यानी की साल 2021 से लेकर साल 2022 तक कुल 10 सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड हो जाएंगे। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 2021-22 सीरीज का सातवां चरण की सब्सक्रिप्शन 25 अक्तूबर से 29 अक्तूबर के बीच होगी।
इन कंपनियों के माध्यम से बेचे जाएंगे
वित्त मंत्रालय ने बताया कि यह बॉन्ड स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIL), डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों (NSE और BSE) के माध्यम से बेचे जाएंगे।
निवेश करने से पहले जान लें ये महत्वपूर्ण बातें
- इस बॉन्ड को स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Bank) और पेमेंट बैंकों से नहीं बेचे जा सकेंगे।
- गोल्ड बॉन्ड के लिए सोने का भाव, सदस्यता अवधि से पहले के सप्ताह के अंतिम तीन कार्य दिवसों के लिए है।
- गोल्ड बॉन्ड के लिए सोने का भाव, भारतीय सर्राफा एवं आभूषण संघ लिमिटेड द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के बंद भाव के औसत के बराबर होगा।
- बॉन्ड की अवधि कुल आठ वर्ष के लिए होगी और पांचवें वर्ष के बाद इससे बाहर निकलने का विकल्प भी होगा।
इस प्रक्रिया से भुगतान करने पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट
मंत्रालय ने यह भी बताया कि निवेशकों को ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल तरीके से भुगतान करने पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट दी जाएगी। इस योजना में निवेश करने पर अतिरिक्त ब्याज का फायदा भी मिलेगा। गोल्ड बॉन्ड के तहत कम से कम एक ग्राम सोने से निवेश किया जा सकता है।
साल 2015 में शुरू हुई थी योजना
मालूम हो कि वर्ष 2015 में शुरू एसजीबी योजना से मार्च 2021 के अंत तक कुल 25,702 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। रिजर्व बैंक ने 2020-21 के दौरान 16,049 करोड़ रुपये (32.35 टन) की कुल राशि के एसजीबी की 12 श्रृंखलाएं जारी की थीं। इस योजना की शुरुआत सोने की भौतिक मांग में कमी लाना और इसकी खरीद में इस्तेमाल होने वाली घरेलू बचत को वित्तीय बचत में स्थानांतरित करने के लिए की गई थी।
इस तरह होगा शिकायतों का निपटान
उपभोक्ताओं की शिकायतों की प्रक्रिया में अधिक सुधार के लिए प्राप्ति कार्यालय (आरओ) का नोडल अधिकारी पहला संपर्क बिंदु होगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि यहां प्राप्ति कार्यालय से तात्पर्य बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एससीएचआईएल), निर्धारित डाक कार्यालय और मान्यता प्राप्त शेयर बाजारों (एनएसई और बीएसई) से है। अगर मुद्दे का समाधान नहीं होता है, तो आरओ में प्रसार ढांचे के जरिए उपभोक्ताओं की शिकायत का निपटान किया जाएगा।
रिजर्व बैंक से कर सकते हैं शिकायत
वहीं अगर शिकायत दर्ज करने के एक महीने के अंदर जवाब नहीं आता है, या निवेशक आरओ के जवाब से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह sgb@rbi.org.in पर रिजर्व बैंक से शिकायत कर सकते हैं।