फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   planning for retirement

रिटायरमेंट के लिए पैसे जमा करने का ये है सही तरीका, आज से ही अपनाएं

Mon, 30 Nov 2015 01:50 PM IST
Updated Mon, 30 Nov 2015 01:50 PM IST
विज्ञापन
planning for retirement

वास्तव में, एक व्यक्ति को रिटायरमेंट को एक विशेष लक्ष्य के तौर पर लेना चाहिए और उसके हिसाब से निवेश करना चाहिए। अपनी भविष्य निधि (पीएफ) के समान ही अपने पहले वेतन के समय से ही आप को म्यूचुअल फंड के माध्यम से इक्विटी में निवेश करना चाहिए।

विज्ञापन


इक्विटी फंड में सिस्टेमेटिक इन्वेस्ट प्लान (एसआईपी) नियमित एवं अनुशासित बचत का मार्ग प्रशस्त करती है और साथ ही साथ दीर्घकालिक तौर पर उच्च स्तरीय रिटर्न प्रदान कर मंहगाई से निजात पाने में सहायता करती है।
विज्ञापन


जैसे वेतन बढ़ने पर पीएफ की राशि में बढ़ोतरी होती है, वैसे ही वेतन बढ़ने पर एसआईपी में भी बढ़ोतरी की जानी चाहिए। एक व्यक्ति को पीएफ एवं एसआइपी दोनों में समान योगदान करने की नीति अपनानी चाहिए (नियोक्ता व कर्मचारी दोनों द्वारा)।
विज्ञापन
विज्ञापन


वास्तव में इन राशियों में जितनी ही वृद्धि होगी, रिटायरमेंट के बाद उतना ही सुख प्राप्त होगा। एसआईपी के अतिरिक्त व्यक्ति को इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए एक इक्विटी फंड में वार्षिक बोनस, इंसेंटिव के एक भाग का भी निवेश करना चाहिए।

बचत के एक हिस्से को ईएलएसएस (इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम) फंड में निवेश करना चाहिए, जो वर्तमान समय में आयकर अधिनियम, 1961 के अनुभाग 80 सी के अंतर्गत कर में छूट प्रदान करता है। यह आप के रिटायरमेंट के लिए एक और अच्छी बचत हो सकती है।

कैसे लगाएं रिटायरमेंट कोष का अनुमान

planning for retirement

वास्तविक रिटायरमेंट कोष का पूर्वानुमान लगाना कई बार मुश्किल लगता है, लेकिन एक अनुमानित महंगाई दर के आधार पर आप अपने वर्तमान खर्चे को नियंत्रित कर सकते हैं और आप को इस आधार पर रिटायरमेंट के लिए आवश्यक कोष की अनुमान लगा सकते हैं।

आप इस राशि तक पहुंचने के लिए अपने मासिक निवेश को भी निर्धारित कर सकते हैं। यह ध्यान रखना भी आवश्यक है कि किसी भी स्थिति में एसआईपी में अवरोध नहीं आना चाहिए, क्योंकि इससे अंतिम कोष पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। निवेश के नियमित होने पर ब्याज के बेहतर होने की संभावना बढ़ जाती है।

ग्लाइड पाथ की नीति का करें पालन

planning for retirement

हालांकि इक्विटी एक उथल-पुथल वाला निवेश है। इसमें रिटर्न के मामले में कुछ वर्ष बहुत अच्छे होते हैं, जबकि कुछ मामूली। इस समस्या पर विजय प्राप्त करने के लिए आप को कम अवस्था में ही बड़ी राशि का निवेश करना चाहिए और रिटायरमेंट के निकट आने पर इक्विटी आवंटन में क्रमिक रूप से कमी करनी चाहिए।

इसे ‘ग्लाइड पाथ’ कहते हैं, इससे आप रिटायरमेंट के नजदीक पहुंचने के समय इक्विटी की उथल-पुथल से बच सकते हैं और इक्विटी आवंटनो को अपेक्षाकृत कम उथल-पुथल वाले फिक्स्ड आय सिस्टेमेटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी) द्वारा अंजाम दिया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त आप को इक्विटी से पूरी तरह बाहर निकलने की आवश्यकता नहीं है। जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार रिटायरमेंट के दौरान मार्जिनल एलोकेशन पर ध्यान देना चाहिए।

नियमित खर्चों के लिए आप एक फिक्स्ड मासिक राशि को निर्धारित कर पोर्टफोलियो से एक सिस्टेमेटिक विड्रॉल प्लान (एसडब्लूपी) को भी शुरू कर सकते हैं। इससे आवश्यकतानुसार यूनिटों का नगदीकरण हो जाएगा।

और राशि प्रत्येक माह बैंक खाते में जमा हो जाएगी। रिटायरमेंट कोष से एक फिक्स्ड राशि को निकाल कर आप खर्च के अनुशासन को अपना सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed