जन धन योजना: पांच करोड़ से अधिक खाते निष्क्रिय, जानिए क्यों हुआ ऐसा और आप पर क्या होगा असर

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Wed, 11 Aug 2021 12:52 PM IST

सार

जब किसी खाते में लगातार दो साल या उससे ज्यादा समय तक कोई लेन-देन नहीं होता है, तो वह खाता इनऑपरेटिव या निष्क्रिय हो जाता है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना
प्रधानमंत्री जन धन योजना - फोटो : https://pmjdy.gov.in/home
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

प्रधानमंत्री जन धन योजना की वजह से कई परिवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। प्रधानमंत्री जन धन देश में हर गरीब व्यक्ति को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने का प्रयास किया गया था। अब तक करीब 42.83 करोड़ जन धन खाते खोले गए, जिनमें करीब 1.43 लाख करोड़ रुपये का बैलेंस है। इस योजना के अंतर्गत 14 फीसदी यानी 5.82 करोड़ खाते इनऑपरेटिव या निष्क्रिय हैं। इनमें महिलाओं के निष्क्रिय खातों की संख्या लगभग 2.02 करोड़ है। यानी इन खातों में किसी प्रकार का लेन देन नहीं हो रहा है। 
विज्ञापन


कब इनऑपरेटिव होता है खाता?
मालूम हो कि भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, जब किसी खाते में लगातार दो साल या उससे ज्यादा समय तक कोई लेन-देन नहीं होता है, तो वह खाता इनऑपरेटिव हो जाता है। यानी ये 5.82 करोड़ जन धन खाते ऐसे हैं, जिनमें कम से कम 2 साल से कोई लेन-देन नहीं हुआ है। 


क्यों है चिंता का विषय?
ये चिंता का विषय इसलिए है क्योंकि सरकार की सभी वेलफेयर स्कीम और ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत इन्हीं खातों में पैसे भेजे जाते हैं। खाता इनऑपरेटिव होने का मतलब यह है कि इसके तहत आपके खाते में पैसे तो आ सकते हैं, लेकिन वो पैसे आप निकाल नहीं पाएंगे। ऐसे में लेनदेन के लिए आपको इसे दोबारा एक्टिवेट कराना पड़ेगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन धन योजना के बारे में कहा था कि यह पहल 'बदलाव लाने वाली' रही है और यह गरीबी उन्मूलन के लिए उठाए गए कदमों की नींव साबित हुई है। भारतीय जनता पार्टी के 2014 में सत्ता में आने के बाद, यह सरकार की पहली बड़ी योजना थी जिसके तहत करोड़ों लोगों खासकर गरीबों के बैंक खाते खोले गए। यह पहल महत्त्वपूर्ण बदलाव लाने वाली रही, गरीबी उन्मूलन की कई पहलों की नींव साबित हुई और इसने करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचाया।

वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस योजना के बारे में कहा था कि, 'जन धन योजना मोदी सरकार की जन-केंद्रित आर्थिक पहलों की आधारशिला रही है। चाहे वह प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण हो, कोविड-19 वित्तीय सहायता हो, पीएम-किसान, मनरेगा के तहत वेतन में वृद्धि हो या जीवन और स्वास्थ्य बीमा कवर, पहला कदम था कि सभी व्यस्क को बैंक खाता मुहैया कराना, जिसे पीएमजेडीवाई ने लगभग पूरा कर लिया है।' 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और बजट 2020 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00