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डरे नहीं अग्रिम कर जमा करने से
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 12 Dec 2012 10:20 PM IST
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उम्मीद से बहुत कम अग्रिम कर (एडवांस टैक्स) की प्राप्ति से परेशान सरकार ने चेताया है कि कर चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अग्रिम कर वास्तव में वार्षिक कर का वह हिस्सा होता है, जिसे अग्रिम तौर पर चुकाया जाता है। चूंकि यह करदाता के स्वयं के आकलन पर आधारित होता है, इसलिए इसे स्वयं-आकलन कर भी कहा जाता है।
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अग्रिम कर का भुगतान उन्हें करना पड़ता है, जिनके आय स्रोत पर कर कटौती नहीं होती और उस वित्तीय वर्ष में उनकी करदेयता दस हजार रुपये या उससे अधिक होती है। सभी कॉरपोरेट कंपनियां, स्वरोजगार प्राप्त व्यक्ति एवं छोटे व्यवसायी अग्रिम कर भुगतान के दायरे में आते हैं। अग्रिम कर का भुगतान श्रेणियों के आधार पर तीन या चार किस्तों में करना होता है।
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मसलन, स्वरोजगार प्राप्त व्यक्ति एवं छोटे व्यवसायियों को अग्रिम कर का भुगतान क्रमशः 30, 30 और 40 फीसदी के अनुपात में उसी वित्तीय वर्ष में सितंबर, दिसंबर एवं मार्च महीने की 15 तारीख को करना होता है। जबकि कॉरपोरेट कंपनियों को 15, 30, 30 एवं 25 फीसदी के अनुपात में क्रमशः जून, सितंबर, दिसंबर एवं मार्च महीने की 15 तारीख को अग्रिम कर चुकाना होता है।
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समय पर अग्रिम कर नहीं चुकाने पर प्रति महीने एक फीसदी या वार्षिक 12 फीसदी जुर्माने का प्रावधान है। आयकर विभाग के पैनल से जुड़े बैंकों की शाखा में कर भुगतान चालान के जरिये इसका भुगतान किया जा सकता है। ऑनलाइन भी करदाताओं को यह सुविधा उपलब्ध है। यदि कोई वास्तविक कर से अधिक अग्रिम कर का भुगतान कर देता है, तो उसे वह अधिक राशि छह फीसदी ब्याज के साथ आयकर विभाग द्वारा लौटा दिया जाता है।