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ईएलएसएस में निवेश दो साल के टॉप पर

Wed, 13 Feb 2013 08:44 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Wed, 13 Feb 2013 08:44 PM IST
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investing in elss on top last two years

म्यूचुअल फंड हाउसों द्वारा चलाई जा रही टैक्स बचत वाली इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) को निवेशकों द्वारा दी जा रही तरजीह के चलते इन स्कीमों की परिसंपत्तियां (एयूएम) दो साल के शिखर पर पहुंच गई हैं। इससे पहले यह अप्रैल 2011 में 25,000 करोड़ रुपये के स्तर पर दर्ज की गई थी।

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म्यूचुअल फंड उद्योग से जुड़ी संस्था एसोसिएशन ऑप म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (एएमएफआई) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक टैक्स सेविंग वाली ईएलएसएस स्कीमों का कुल एयूएम जनवरी में 25,069 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो कि बीते दो साल में सबसे अधिक रहा। अप्रैल 2011 के बाद पहली बार इसने 25,000 करोड़ रुपये का स्तर छुआ है।
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इएलएसएस फंड में निवेश में आई यह तेजी इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि आमतौर पर इसमें जनवरी के बाद मार्च के अंत तक तेजी देखने को मिलती, जब वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले कर बचाने के लिए इन स्कीमों में निवेश करते हैं। चालू वित्त वर्ष में जहां इक्विटी फंडों में करीब 13,000 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है, वहीं ईएलएसएस फंडों में अब तक 1,875 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है।
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जनवरी 2003 में आंकड़े जारी किए जाने की शुरुआत के समय एयूएम महज 1,410 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। तब से करीब दस साल की अवधि में इसने 18 गुनी बढ़ोतरी हासिल की है। गौरतलब है कि आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत करछूट पाने के पात्र निवेशकों को ईएलएसएस में एक लाख रुपये के निवेश पर उसकी कुल करदेयता में 30,900 रुपये की करछूट मिल सकती है।

एसबीआई म्यूचुअल फंड द्वारा मार्च 1993 में पहला ईएलएसएस फंड जारी किए जाने के बाद एचडीएफसी, टाटा, बिरला सनलाइफ, आईसीआईसीआई, रिलायंस और यूटीआई जैसे देश के तकरीबन सभी प्रमुख फंड हाउस बाजार में अपने ईएलएसएस फंड उतार चुके हैं।


टैक्स बचत वाले इन फंडों पर तीन साल के लॉकइन पीरियड की बंदिश लागू होने के बावजूद निवेशक इन्हें खरीदने को तरजीह देते हैं क्योंकि बेहतर निवेश के साथ-साथ इसमें टैक्स छूट पाने का उनका लक्ष्य पूरा हो जाता है। सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (सिप) के जरिये भी इन फंडों में काफी निवेश किया जाता है।

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