फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   Income Tax Return Filing last date 31 August know important details

ITR दाखिल करने का आज आखिरी दिन, कल से लगेगा पांच हजार रुपये का जुर्माना

Sat, 31 Aug 2019 10:49 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sat, 31 Aug 2019 10:49 AM IST
विज्ञापन
Income Tax Return Filing last date 31 August know important details
itr - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स-- रोहित झा

सरकार की ओर से आयकर रिटर्न दाखिल करने की तिथि बढ़ाने जाने के बाद भी कई करदाताओं ने अब तक आईटीआर नहीं भरा है। ऐसे करदाताओं के लिए आईटीआर भरने के लिए आज आखिरी दिन है। पहले अंतिम तिथि 31 जुलाई थी, जिसे एक महीने के लिए बढ़ाया गया था।

विज्ञापन


इस संदर्भ में आयकर विभान ने भी कहा है कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2019 है। अंतिम तारीख को बढ़ाया नहीं गया है। 
 

दरअसल, कई आयकरदाता आज-कल टालने की आदत से अंतिम समय तक रिटर्न नहीं भरते और बाद में विभाग की साइट पर तकनीकी दिक्कत या दस्तावेज की कमी से तय समय में आईटीआर नहीं भर पाते। सीबीडीटी के अनुसार, व्यक्तिगत आयकरदाता, नौकरीपेशा, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) और जिन लोगों के खातों की ऑडिटिंग की जरूरत नहीं है, उन्हें 31 अगस्त 2019 तक अनिवार्य रूप से रिटर्न दाखिल करना है। ऐसे करदाताओं के लिए रिटर्न भरना काफी आसान है। वे ऑनलाइन तरीके से विभाग की साइट पर पैन कार्ड, आधार, कंपनी द्वारा जारी फॉर्म-16 और फॉर्म 26एस की मदद से रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, जबकि इसे ऑफलाइन भी भरा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इनके लिए 30 सितंबर तक छूट

कंपनियों या किसी फर्म के वर्किंग पार्टनर, व्यक्तिगत या फर्म जिसके खाते की ऑडिटिंग जरूरी है, उनके लिए रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2019 है। इसके अलावा आयकर अधिनियम की धारा 92ई के तहत जिन असेसी को रिपोर्ट देनी होती है, उन्हें भी 30 सितंबर तक छूट मिलेगी। धारा 92ई में ऐसे करदाता आते हैं, जिन्होंने दूसरे देश में कारोबार या कोई लेनदेन किया हो।  




 

आईटीआर के सात चरण

  • करदाता अपने पैन से यूजर आईडी और पासवर्ड बनाकर incometaxindiaefiling.gov.in पर लॉगिन करें।
  • फाइलिंग इनकम टैक्स रिटर्न विकल्प पर क्लिक करने से अगले पेज पर आपका पैन नंबर दिखेगा।
  • यहां मूल्यांकन वर्ष, फॉर्म का नाम चुनने के बाद सबमिशन मोड सेलेक्ट करना होगा।
  • इसके बाद दो विकल्प दिखेंगे, एक आधार ओटीपी से वेरिफिकेशन और दूसरा प्रिंट भेजकर वेरिफिकेशन। किसी एक का चुनाव कर अगला विकल्प पर क्लिक करें। 
  • सामने जो पेज आएगा उसमें आय का विवरण, कटौती और अपने निवेश की पूरी जानकारी भरें। 
  • रिटर्न या टैक्स की गणना के बाद आपको भुगतान की जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी। 
  • अगर टैक्स देनदारी है तो भुगतान करें और रिटर्न मिल रहा है तो सबमिट पर क्लिक करें। आपका रिटर्न दाखिल हो जाएगा।



यह भी पढ़ें: रिजर्व बैंक जारी करेगा 100 रुपये के नए वार्निश नोट
 

आईटीआर भरने के कई फायदे

तीन साल का रिटर्न फॉर्म हो तो बैंक से कर्ज लेना और क्रेडिट कार्ड बनवाना आसान हो जाता है।
बड़े लेनदेन, प्रॉपर्टी खरीदने और म्यूचुअल फंड में ज्यादा निवेश के लिए आईटीआर की जरूरत होती है।
अगर टीडीएस कटा है तो इसे क्लेम करने के लिए भी आईटीआर भरना जरूरी है।
वीजा बनाने के लिए दूतावास दो साल का रिटर्न फॉर्म मांगते हैं। 
अपना कारोबार शुरू करने के लिए भी आईटीआर फॉर्म की जरूरत होती है।

Income Tax Return Filing last date 31 August know important details

यहां चेक करें रिफंड की स्थिति

आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि नजदीक आती जा रही है। अभी तक अधिकतर करदाताओं ने अपना रिटर्न दाखिल भी कर दिया होगा। आईटीआर भरने के बाद से ही करदाता अपने रिफंड का इंतजार करने लगता है। आयकर विभाग रिटर्न के ई-सत्यापन के तत्काल बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। 

दरअसल, इनकम टैक्स रिफंड वह राशि होती है जो करदाता की ओर से कुल कर देयता से अधिक भुगतान की जाती है। अगर करदाता का दावा सही होता है तो आयकर विभाग इसकी जानकारी ईमेल या एसएमएस के जरिये देता है। इसमें बताया जाएगा कि कितनी राशि करदाता के खाते में रिफंड की जाएगी। साथ ही रिफंड का एक सीक्वेंस नंबर भी दिया जाएगा। यह सूचना आयकर कानून की धारा 143(1) के तहत भेजी जाती है। अमूमन ई-सत्यापन के बाद रिफंड मिलने में 2 से 3 महीने का वक्त लगता है, लेकिन कई बार यह सिर्फ 15 दिनों में भी क्रेडिट हो जाता है। 

इन तरीकों से करें रिफंड की जांच

करदाता अपने आयकर रिफंड की मौजूदा स्थिति जानने के लिए आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल अथवा एनएसडीएल की वेबसाइट पर जा सकते हैं। हालांकि, रिफंड के लिए आपका खाता पैन से जुड़ा होना जरूरी है। आयकर विभाग ने घोषणा की थी कि 1 मार्च 2019 से केवल ई-रिफंड ही जारी किया जाएगा। यह केवल उसी बैंक खाते में जमा होगा जो पेन कार्ड से लिंक है और जिसका विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर पूर्व सत्यापन हो चुका है।


यह भी पढ़ें: बाजार से गायब होते जा रहे हैं 2,000 के नोट, नकली की बढ़ रही है संख्या
 

स्थिति जांचने का पहला तरीका

  • करदाता www.incometaxindiaefiling.gov.in पर पैन और पासवर्ड से अपना अकाउंट लॉगइन करें।
  • अब रिव्यू रिटर्न/फॉर्म्स पर क्लिक करें।
  • ड्रॉप डाउन मेन्यू से इनकम टैक्स रिटर्न सेलेक्ट करें और असेसमेंट ईयर का चयन करें। 
  • इसके बार भरे गए रिटर्न फॉर्म से संबंधित एकनॉलेजमेंट नंबर पर क्लिक करें। 
  • सामने जो पेज खुलेगा उसमें रिटर्न भरने और ई-सत्यापन की तारीख के साथ आपका रिफंड जारी होने की स्थिति भी दिख जाएगी। 

एनसीडीएल पर जानें स्थिति

  • आयकर विभाग की ओर से बैंक को रिफंड भेजे जाने के 10 दिन बाद टिन एनसीडीएल की वेबसाइट पर स्थिति जान सकते हैं।
  • इसके लिए करदाता https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html पर जाएं।
  • यहां अपने पैन का ब्योरा और असेसमेंट ईयर डालें।
  • कैप्चा भरने के बाद सबमिट पर क्लिक करें और आपको स्क्रीन पर अपने रिफंड की स्थिति दिख जाएगी। इसमें भुगतान का प्रकार, रेफरेंस नंबर और तारीख लिखी होगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed