फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   important news for Provident Fund subscribers government to impose tax on interest earned beyond certain limit from 1 April 2021 tax news

जरूरी खबर : अगले महीने से बदल रहा है PF से जुड़ा ये अहम नियम, जानिए आपको फायदा होगा या नुकसान

Mon, 15 Mar 2021 01:47 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Mon, 15 Mar 2021 01:47 PM IST
विज्ञापन
important news for Provident Fund subscribers government to impose tax on interest earned beyond certain limit from 1 April 2021 tax news
अगले महीने से बदल रहा है PF से जुड़ा ये अहम नियम - फोटो : pixabay

कोरोना काल में कई योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज कम हुआ था, लेकिन ईपीएफ खातों में अधिक ब्याज मिलता है। अब अगले महीने यानी एक अप्रैल से नया नियम लागू होने जा रहा है। एक फरवरी 2021 को पेश बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रोविडेंट फंड पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स की घोषणा की गई थी। अब एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख तक ईपीएफ में निवेश ही टैक्स फ्री होगा। उससे ज्यादा निवेश करने पर अतिरिक्त राशि पर ब्याज से होने वाली कमाई पर टैक्स लगेगा। 

विज्ञापन


आसान भाषा में समझें, तो अगर आपके खाते में हर साल पांच लाख रुपये जमा होते हैं तो ढाई लाख तक का ब्याज टैक्स फ्री रहेगा, बाकी ढाई लाख पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल इनकम में जुड़ जाएगा। इस नए नियम से केवल मोटी सैलरी पाने वाले कर्मचारी ही प्रभावित होंगे। वित्त मंत्रालय के मुताबिक इस प्रस्ताव से केवल एक फीसदी पीएफ सब्सक्राइबर्स पर ही असर पड़ेगा। बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अंशधारकों की संख्या छह करोड़ से भी ज्यादा है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़े: काम की खबर: क्या आपके खाते में आ रहा है गैस सब्सिडी का पैसा? तुरंत करें चेक
विज्ञापन
विज्ञापन


2016 में भी किया था ब्याज पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव 
मालूम हो कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने पीएफ की राशि पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा है। साल 2016 के बजट में भी केंद्र सरकार ने ईपीएफ में जमा के 60 फीसदी ब्याज पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया था। हालांकि इस नए टैक्स पर व्यापक स्तर पर विरोध के बाद सरकार ने इसे वापस ले लिया था। राजस्व घाटे की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। साथ ही सरकार का पीएफ खातों पर टैक्स लगाने का मकसद यह भी था कि पीएफ खातों की मदद से कोई टैक्स देने से न बच पाएं।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए पीएफ राशि पर ब्याज दर की घोषणा करता है। श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि पर चालू वित्त वर्ष (2020-21) के लिए 8.5 फीसदी ब्याज देने का फैसला किया है। 

यह भी पढ़े: काम की खबर : बच्चों को इन आसान तरीकों से सिखाएं पैसों का महत्व, संवर जाएगा उनका जीवन

किस साल कितना मिला ब्याज?

  • 2013-14    8.75 फीसदी
  • 2014-15    8.75 फीसदी
  • 2015-16    8.80 फीसदी
  • 2016-17    8.65 फीसदी
  • 2017-18    8.55 फीसदी
  • 2018-19    8.65 फीसदी
  • 2019-20    8.50 फीसदी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed