कोरोना वायरस महामारी ने 2020 में लोगों को बहुत परेशान और चिंतित रखा है। इसकी वजह से सभी क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। निवेशक भी मुनाफे को लेकर परेशान हैं। वित्तीय जानकार कहते हैं कि कोरोना काल में ऐसे विकल्पों में निवेश करें, जहां पैसा सुरक्षित रहे और अच्छा रिटर्न मिलता रहे। ऐसे में लोगों ने फाइनेंशियल प्लानिंग के महत्व को भी समझा है। बच्चों को पैसे की अहमियत के बारे में बताना और उनमें अच्छी वित्तीय आदतें विकसित करना बेहद अहम है। यदि हम बच्चों को कम उम्र में ही सही वित्त शिक्षा दें कि बचत करना हमारे लिए आवश्यक है और पैसों से हम क्या कुछ कर सकते हैं, तो उनका आगे का जीवन आसान हो जाएगा और भविष्य में कठिन परिस्थितियों का सामना वे सरलता से कर पाएंगे।
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इस तरह सिखाएं बचत का महत्व
आप अपने बच्चे को हर महीने जेब खर्च के रूप में एक छोटी-सी रकम दें। उन्हें एक गुल्लक देकर उन्हें बचत की आदत डलवाएं। अपने बच्चों को पैसे देकर आप सिखा सकते हैं कि उन्हें ये पैसा एक महीने तक चलाना है और इसमें से कुछ पैसों की बचत भी करनी है। ऐसा करके वह धीरे-धीरे अच्छी-खासी रकम जमा कर सकता है और फिर अपनी सेविंग से वे मनचाहा सामान खरीद सकते हैं। इससे उन्हें भविष्य में इमरजेंसी फंड बनाने में दिक्कत नहीं होगी।
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लक्ष्यों को पूरा करना सिखाएं
आप अपने बच्चों को छोटे-छोटे लक्ष्य बनाने के लिए प्रेरित करें। जैसे आप आपने बच्चों को बता सकते हैं कि वे 1,000 रुपये जोड़ लें तो कोई मनपसंद खिलौना खरीद सकते हैं। लेकिन अगर वे थोड़े समय कर्च ना करके बचत करें, तो 4,000-5,000 रुपये जमा कर वे बेहतर साइकिल खरीद सकते हैं। इस तरह उन्हें अपने लक्ष्यों के अनुरूप खर्च करने की आदत होगी जो आगे जाकर उनके लिए सहायक होगा।
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घर के खर्च से भी जोड़ें
माता-पिता को अपने बच्चों से पैसों को सही जगह खर्च करने को लेकर खुलकर बात करनी चाहिए। उन्हें बच्चों की भी राय लेनी चाहिए और यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि बचत और खर्च को लेकर वे क्या सोचते हैं। बच्चे को घर के फाइनेंशियल सिस्टम से भी जोड़ें। उनका इन्वॉल्मेंट स्वाभाविक होना चाहिए। छोटी-मोटी खरीदारी की लिस्ट उनके साथ मिलकर बनाएं। फिर हिसाब लगाएं कि उसमें कितना खर्च होगा और वह पैसा कहां से आएगा। ऐसा करने से वे कम आयु में ही अकाउंट्स के बेसिक सीख सकते हैं।
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ज्यादा डिस्काउंट के चक्कर में न उलझें
कई दुकानें और वेबसाइट्स डिस्काउंट का प्रलोभन देती हैं। इनसे हम आपको बचने की सलाह देते हैं। डिस्काउंट दो तरह से मिलता है। पहला कैश डिस्काउंट और दूसरा परसेंटेज डिस्काउंट। इलेक्ट्रोनिक प्रोडक्टस पर कंपनियां कैश डिस्काउंट देती हैं। यह डिस्काउंट एमआरपी पर मिलता है। डीलर्स के हिसाब से डिस्काउंट अलग-अलग होता है। इसलिए कुछ भी खरीदने से पहले इस पर गौर कर लें। इससे आप काफी अच्छी बचत कर सकते हैं। बच्चों को समय पर ही इसकी जानकारी दे देनी चाहिए।