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अगर हुआ था पिछले साल इंक्रीमेंट तो ITR में भी दे सकते हैं एरियर की डिटेल्स, होगा फायदा
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:04 AM IST
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अगर पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की तरफ से आपकी सैलरी में इंक्रीमेंट हुआ है, तो उसके एरियर की जानकारी भी इस साल के आईटीआर में आप दे सकते हैं। इससे आप टैक्स छूट में लाभ पा सकते हैं।
इससे किसी तरह का कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप सरकारी जॉब में हैं या फिर किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। नौकरी करते हुए या फिर रिटायरमेंट के काफी साल बाद बढ़ी हुई सैलरी का एरियर मिला है तो उसकी जानकारी भी रिटर्न फाइल करते वक्त आपको देनी होगी। इससे आपको टैक्स में छूट मिल जाएगी। आपको कुछ प्रमुख बातों का ख्याल रखना है, जिनकी जानकारी हम आगे दे रहे हैं।
एरियर मिलने पर रखें इन बातों का ख्याल
इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार सैलरी या फिर पेंशन का एरियर मिलने के बाद भी कोई भी ऐसा टैक्सपेयर टैक्स छूट पा सकता है। इसके लिए टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने से पहले सेक्शन 89(1) के अनुसार एक फॉर्म भरना होगा, जिससे उन्हें टैक्स में छूट मिल सके।
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यह फॉर्म भरना जरूरी है। अगर टैक्सपेयर ने ऐसा नहीं किया तो उन्हें बाद में मिले एरियर से किसी प्रकार का कोई लाभ नहीं मिलेगा।
फॉर्म भरने से मिलेगी टैक्सपेयर को राहत
गर्ग ने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने यह फॉर्म इसलिए निकाला है ताकि टैक्सपेयर्स को एरियर मिलने पर टैक्स का बोझ न सहना पड़े और रिलीफ मिल सके। इस फॉर्म के भरने के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट किसी तरह की पेनाल्टी भी नहीं लगा सकेगा।
डिपार्टमेंट का कहना है किसी को सैलरी लेट मिलने से टैक्सपेयर्स की कोई गलती नहीं होती है, अगर वो इसकी जानकारी रिटर्न फाइल करते वक्त दे देता है। जानकारी न देने पर नोटिस भेजा जा सकता है।
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इससे किसी तरह का कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप सरकारी जॉब में हैं या फिर किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। नौकरी करते हुए या फिर रिटायरमेंट के काफी साल बाद बढ़ी हुई सैलरी का एरियर मिला है तो उसकी जानकारी भी रिटर्न फाइल करते वक्त आपको देनी होगी। इससे आपको टैक्स में छूट मिल जाएगी। आपको कुछ प्रमुख बातों का ख्याल रखना है, जिनकी जानकारी हम आगे दे रहे हैं।
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एरियर मिलने पर रखें इन बातों का ख्याल
इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार सैलरी या फिर पेंशन का एरियर मिलने के बाद भी कोई भी ऐसा टैक्सपेयर टैक्स छूट पा सकता है। इसके लिए टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने से पहले सेक्शन 89(1) के अनुसार एक फॉर्म भरना होगा, जिससे उन्हें टैक्स में छूट मिल सके।
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यह फॉर्म भरना जरूरी है। अगर टैक्सपेयर ने ऐसा नहीं किया तो उन्हें बाद में मिले एरियर से किसी प्रकार का कोई लाभ नहीं मिलेगा।
फॉर्म भरने से मिलेगी टैक्सपेयर को राहत
गर्ग ने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने यह फॉर्म इसलिए निकाला है ताकि टैक्सपेयर्स को एरियर मिलने पर टैक्स का बोझ न सहना पड़े और रिलीफ मिल सके। इस फॉर्म के भरने के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट किसी तरह की पेनाल्टी भी नहीं लगा सकेगा।
डिपार्टमेंट का कहना है किसी को सैलरी लेट मिलने से टैक्सपेयर्स की कोई गलती नहीं होती है, अगर वो इसकी जानकारी रिटर्न फाइल करते वक्त दे देता है। जानकारी न देने पर नोटिस भेजा जा सकता है।
आयकर विभाग
ऑनलाइन भर सकते हैं फॉर्म 10ई को
रिटर्न ई-फाइल करने से पहले ऐसे टैक्सपेयर को फॉर्म 10 ई भरना होगा जिसको ऑनलाइन ही भर सकते हैं। अगर आपने इस फॉर्म को नहीं भरा तो डिपार्टमेंट आपको नोटिस भेज सकता है और क्लेम को रिजेक्ट भी कर सकता है। इसलिए अपना एरियर क्लेम फाइल करने से पहले इस फॉर्म को जरूर भरें।
सैलरी एरियर को ऐसे करें कैलकुलेट
अगर आपको एरियर मिलने के बाद टैक्स कैलकुलेट करने में दिक्कत आ रही है तो हम बताने जा रहे है उन स्टेप्स के बारे मेंजिनकी मदद से आप आसानी से अपना एरियर कैलकुलेट कर लेंगे।
जिस साल का एरियर मिला है, उस साल के लिए टोटल इनकम पर देने वाला टैक्स कैलकुलेट कर लें। उसी साल के दौरान इनकम में बिना एरियर जोड़े पे करने योग्य टैक्स कैलकुलेट कर लें। इसके बाद दोनों के बीच का डिफरेंस पता कर लें।जिस साल के एवज में एरिया मिला है, उस साल एरियर के साथ टोटल इनकम पर पे करने योग्य टैक्स कैलकुलेट कर लें।
उस साल बिना एरियर के पे करने योग्य टैक्स कैलकुलेट कर लें। फिर दोनों बीच अंतर पता कर लें। जो अमाउंट निकल कर आएगा उसी पर आप टैक्स में छूट के लिए क्लेम कर सकते हैं।
रिटर्न ई-फाइल करने से पहले ऐसे टैक्सपेयर को फॉर्म 10 ई भरना होगा जिसको ऑनलाइन ही भर सकते हैं। अगर आपने इस फॉर्म को नहीं भरा तो डिपार्टमेंट आपको नोटिस भेज सकता है और क्लेम को रिजेक्ट भी कर सकता है। इसलिए अपना एरियर क्लेम फाइल करने से पहले इस फॉर्म को जरूर भरें।
सैलरी एरियर को ऐसे करें कैलकुलेट
अगर आपको एरियर मिलने के बाद टैक्स कैलकुलेट करने में दिक्कत आ रही है तो हम बताने जा रहे है उन स्टेप्स के बारे मेंजिनकी मदद से आप आसानी से अपना एरियर कैलकुलेट कर लेंगे।
जिस साल का एरियर मिला है, उस साल के लिए टोटल इनकम पर देने वाला टैक्स कैलकुलेट कर लें। उसी साल के दौरान इनकम में बिना एरियर जोड़े पे करने योग्य टैक्स कैलकुलेट कर लें। इसके बाद दोनों के बीच का डिफरेंस पता कर लें।जिस साल के एवज में एरिया मिला है, उस साल एरियर के साथ टोटल इनकम पर पे करने योग्य टैक्स कैलकुलेट कर लें।
उस साल बिना एरियर के पे करने योग्य टैक्स कैलकुलेट कर लें। फिर दोनों बीच अंतर पता कर लें। जो अमाउंट निकल कर आएगा उसी पर आप टैक्स में छूट के लिए क्लेम कर सकते हैं।