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बैंक में ग्राहक से होती है लूट, तो प्रबंधन होगा जिम्मेदारः उपभोक्ता अदालत
Mon, 25 Nov 2019 01:14 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Mon, 25 Nov 2019 01:14 PM IST
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बैंकों के अंदर भी ग्राहकों से कई बार लूटपाट या फिर रकम चोरी होने की घटनाएं होती हैं। खाते में पैसा जमा करने से पहले या फिर निकालने के बाद भी ग्राहकों को बैंक की शाखा के अंदर भी चौकन्ना रहना पड़ता है। फिर भी लूट होने या चोरी होने पर कौन जिम्मेदार होगा? बैंक इसके लिए ग्राहक को ही जिम्मेदार बताते हुए अपनी जिम्मेदारी से पलड़ा झाड़ लते थे। लेकिन अब राष्ट्रीय उपभोक्ता अदालत के फैसले से इसकी जिम्मेदारी ग्राहक पर नहीं आएगी।
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इस संबंध में एफआईआर एक महीने बाद 28 अप्रैल को आईपीसी की धारा 379/341 के तहत दर्ज हुई। ग्राहक ने पूरी घटना की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को भी अपने पास पेन ड्राइव में सुरक्षित रख लिया। लेकिन तीन महीने तक कोई सुनवाई न होने के बाद उसने जिला उपभोक्ता अदालत में वाद दायर किया।
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बैंक के अंदर सुरक्षा की जिम्मेगदारी प्रबंधन पर
राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण अदालत (एनसीडीआरसी) ने कहा है कि ग्राहक जिस वक्त बैंक के अंदर दाखिल होता, उस समय से लेकर के बैंक से बाहर जाने तक सुरक्षा का जिम्मा संबंधित बैंक प्रबंधन के पास रहेगा। इस दौरान अगर किसी ग्राहक से लूट-पाट, छीना झपटी या फिर डकैती की घटना होती है तो पूरी तरह से इसकी जिम्मेदारी बैंक की होगी। ।
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इस केस पर सुनाया फैसला
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक ग्राहक का भारतीय स्टेट बैंक की दिल्ली स्थित चांदनी चौक शाखा में खाता है। वो 28 मार्च , 2016 को बैंक में 76 हजार रुपये जमा करने गया था। इसी दौरान लाइन में उसके पीछे खड़े शख्स ने पॉकेटमार ली और फरार हो गया। उस शख्स को इस बात की जानकारी तब हुई, जब उसका पैसा जमा करने का नंबर आया। खाताधारक के पास पुराने 1000 के 76 नोट थे, जो एक सफेद कपड़े में रखकर वो लाया था।
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इस संबंध में एफआईआर एक महीने बाद 28 अप्रैल को आईपीसी की धारा 379/341 के तहत दर्ज हुई। ग्राहक ने पूरी घटना की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को भी अपने पास पेन ड्राइव में सुरक्षित रख लिया। लेकिन तीन महीने तक कोई सुनवाई न होने के बाद उसने जिला उपभोक्ता अदालत में वाद दायर किया।