10,000 रुपये की मासिक पेंशन के लिए इस सरकारी योजना में करें निवेश, सरकार ने बढ़ाई डेडलाइन
अगर आप अपने बाद अपने माता-पिता के भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं तो केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई वय वंदना योजना में एकमुश्त राशि निवेश कर सकते हैं। यह योजना हर महीने 10,000 रुपये तक की मासिक पेंशन देती है। हाल ही में केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2023 तक इस स्कीम की डेडलाइन बढ़ा दी है।
अगर आप अपने माता-पिता के भविष्य को सुरक्षित रखना चाहते हैं और इस स्कीम में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं, तो निवेश से पहले जान लीजिए कि स्कीम में निवेश करने के लिए किन प्रमाणपत्रों की जरूरत पड़ती है और स्कीम का फायदा वास्तव में कैसे लिया जा सकता है...
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में कैसे करें आवेदन?
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना की आधिकारिक बेवसाइट और भारतीय जीवन बीमा निगम पर जाकर स्कीम के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक आवेदन फॉर्म भरना होगा, जिसमें सभी जरूरी जानकारियां देनी होंगी। इसी के साथ कुछ जरूर प्रमाण पत्र भी जमा करने होंगे। वरिष्ठ नागरिक ऑनलाइन तरीके से इस स्कीम में आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के लिए किन प्रमाण पत्रों की जरूरत होगी?
- आवेदक को पैन कार्ड की कॉपी चाहिए होगी
- घर का पता दिखाने के लिए आधार कार्ड या पासपोर्ट की कॉपी
- पासबुक के पहले पेज की कॉपी ताकि पेंशन ट्रांसफर की जा सके
स्कीम का फायदा
स्कीम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को दस साल के लिए लगातार पेंशन मिलेगी। यह पेंशन एक दर से मिलेगी और इसकी गारंटी के साथ मिलेगी। इस स्कीम के तहत डेथ बेनेफिट भी मिलता है। इसके तहत नॉमिनी को राशि वापस की जाती है और इस पर आठ फीसदी की तय रिटर्न मिलती है।
योजना में निवेश करने के दस साल बाद पेंशन के अंतिम भुगतान के साथ ही जमा राशि भी वापस लौटा दी जाती है। आप मासिक, तिमाही, छमाही या फिर सालाना आधार पर पेंशन ले सकते हैं, इस पॉलिसी का टर्म अधिकतम दस साल के लिए है। इस प्लान पर टैक्स छूट नहीं मिलती है।
स्कीम के तहत कितनी पेंशन मिलेगी?
इस स्कीम के तहत निवेशक 15 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं, इसके अलावा 60 साल या उससे अधिक के वरिष्ठ नागरिक भी इसमें निवेश कर सकते हैं। स्कीम के तहत आपको न्यूनतम पेंशन एक हजार रुपये तो वहीं अधिकतम 10,000 रुपये पेंशन मिलेगी।