रिपोर्ट में दावा : म्यूचुअल फंड व क्रिप्टो में निवेश करने में महिलाएं आगे, बढ़ती महंगाई को लेकर ज्यादा गंभीर
रिटायरमेंट प्लानिंग में भी महिलाएं पुरुषों के मुकाबले कहीं आगे हैं। सर्वे में शामिल 60 फीसदी उत्तरदाता रिटायरमेंट फंड के लिए निवेश कर रहे हैं। इनमें महिलाओं की हिस्सेदारी 68 फीसदी है, जबकि पुरुषों की 54 फीसदी।
विस्तार
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए महिलाएं बचत के साधनों में निवेश करने में पुरुषों से आगे हैं। वे न सिर्फ निवेश के पारंपरिक साधन फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा लगा रही हैं बल्कि म्यूचुअल फंड और क्रिप्टो में भी निवेश करने में पीछे नहीं हैं। बैंकबाजार की रिपोर्ट के मुताबिक, 59.92 फीसदी महिलाएं म्यूचुअल फंड्स में निवेश कर रही हैं।
पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा 55.57% है। 54.25% महिलाओं के पास एफडी है, जबकि 53.64% पुरुष ही एफडी में पैसा जमा कर रहे हैं। क्रिप्टो में 34.28% महिलाओं ने पैसा लगाया है, जबकि पुरुषों के मामले में आंकड़ा 30.19% है। सर्वे 1,675 लोगों से बातचीत पर आधारित है।
- 59.92% महिलाओं का म्यूचुअल फंड में निवेश
- पुरुषों की संख्या 55.57 फीसदी
- 54.25% आधी आबादी के पास एफडी पुरुषों में आंकड़ा 53.64%
रिटायरमेंट प्लानिंग में भी आगे आधी आबादी
रिटायरमेंट प्लानिंग में भी महिलाएं पुरुषों के मुकाबले कहीं आगे हैं। सर्वे में शामिल 60 फीसदी उत्तरदाता रिटायरमेंट फंड के लिए निवेश कर रहे हैं। इनमें महिलाओं की हिस्सेदारी 68 फीसदी है, जबकि पुरुषों की 54 फीसदी।
- आमतौर पर लोग 20-30 साल की उम्र के बीच रिटायरमेंट फंड बनाने की शुरुआत करते हैं। 22-27 साल (अर्ली जॉबर) की उम्र की 55 फीसदी महिलाएं एक करोड़ रुपये या इससे ज्यादा रकम का रिटायरमेंट फंड बनाना चाहती हैं।
- कुल मिलाकर 48 फीसदी महिलाओं का लक्ष्य एक करोड़ रुपये या इससे ज्यादा का फंड बनाने का है, जबकि 40 फीसदी पुरुषों की ही ऐसी योजना है।
- दो करोड़ रुपये या ज्यादा के फंड के लिए 15% महिलाएं ही निवेश कर रही हैं। 18% हिस्सेदारी के साथ पुरुष आगे हैं।
यहां निवेश में पुरुषों का दबदबा
| योजनाएं | पुरुष | महिलाएं |
| बचत खाता | 79.34% | 70.04% |
| बीमा | 49.57% | 41.16% |
| शेयर बाजार | 48.07% | 40.89% |
| सरकारी प्रतिभूति | 14.45% | 13.90% |
| कोई निवेश नहीं | 1.39% | 1.21% |
इसलिए बचत कर रहे लोग
सर्वे के मुताबिक, कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए 69 फीसदी लोग हॉस्पिटलाइजेशन जैसे आपात खर्च से बचने के लिए ज्यादा बचत कर रहे हैं। 59 फीसदी लोग बच्चों के बेहतर पालन-पोषण एवं शिक्षा के लिए व 42 फीसदी लोग रिटायरमेंट के लिए पैसे बचा रहे हैं।