मुफ्त नहीं रहा यूपीआई से पैसे ट्रांसफर करना, इस बैंक ने लगाया शुल्क
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एक मई से यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए पैसे ट्रांसफर करना मुफ्त नहीं रहेगा। यूपीआई ट्रांजेक्शन से ग्राहकों को पहले किसी तरह का कोई चार्ज नहीं देना पड़ता था। लेकिन अब इसके लिए निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक में शुमार कोटक महिंद्रा बैंक ने चार्ज लगाने की घोषणा कर दी है।
इतना देना होगा शुल्क
बैंक ने अपने ग्राहकों को ई-मेल के जरिए सूचित किया है कि वो एक हजार रुपये से कम के ट्रांजेक्शन पर 2.50 रुपये और इससे अधिक मूल्य के ट्रांजेक्शन पर पांच रुपये देने होंगे। यह नियम पेटीएम, फोनपे और गूगल पे के द्वारा यूपीआई पेमेंट करने पर भी लागू होगा।
67.4 करोड़ के पार ट्रांजेक्शन की संख्या
बैंक ने कहा है कि शुल्क लगाने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि 95 फीसदी ग्राहक हर महीने पांच से 10 ट्रांजेक्शन यूपीआई के जरिए करते हैं। हालांकि .यह नियम उन ग्राहकों पर लागू होगा, जो हर महीने 30 से अधिक यूपीआई ट्रांजेक्शन करते हैं।
इस साल फरवरी में यूपीआई से होने वाले ट्रांजेक्शन की संख्या 67.4 करोड़ के पार चली गई है जो कि एक लाख करोड़ रुपये के पार था। वहीं पिछले साल फरवरी में यह करीब 1.71 करोड़ था।
एसबीआई, एचडीएफसी भी लगा सकते हैं शुल्क
इस तरह का कदम एसबीआई और एचडीएफसी जैसे बैंक भी लगा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो फिर यह डिजिटल पेमेंट सिस्टम के लिए सही नहीं होगा। लोग फिर से नगद से ट्रांजेक्शन करने लगेंगे। यूपीआई ट्रांजेक्शन पर नियंत्रण रखने वाली संस्था नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने पिछले साल अक्टूबर में प्रतिदिन ट्रांजेक्शन की संख्या को 10 कर दिया था।