साइबर सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार लाएगी नए कानून
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सरकार साइबर सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए नए नियम बनाने जा रही है। इन नियमों के तहत सभी आईटी कंपनियों में साइबर सुरक्षा अधिकारी रखना अनिवार्य होगा। सरकार देश की बैंकिंग प्रणाली, बिजली प्रणाली की साइबर सुरक्षा में किसी प्रकार की कोई चूक नहीं चाहती है।
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी व कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि भारत में साइबर सुरक्षा तंत्र सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि वह देश को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हमारा साइबर सुरक्षा तंत्र अच्छा है और उसे और मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ट्विटर एकाउंट को हैक करने के मामले में मचे बवाल पर उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कभी-कभी होती हैं, लेकिन हम इस पर त्वरित कार्रवाई करते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का ट्विटर एकाउंट हैक करने के मामले में दोषी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं और सरकार एकाउंट हैकिंग की जांच में पूरा सहयोग करेगी।
बनेगा नेशनल साइबर कोर्डिनेशन सेंटर
प्रसाद ने कहा कि हमारे विभाग के तहत इस प्रकार के अभियोग या इस प्रकार की स्थिति की जांच करने वाले लोग सक्रिय हो गए हैं। भारत में ट्विटर के नुमाइंदों से संपर्क किया गया है और ट्विटर से सभी आपत्तिजनक ट्वीट्स को हटा लिया गया है।
उन्होंने कहा कि हमारा विभाग इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई कर रहा है। प्रसाद पूर्व के कई कार्यक्रमों में इस बात को कह चुके हैं कि देश के समक्ष साइबर सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है और सरकार साइबर सुरक्षा की दिशा में कई कदम उठा रही है।
आईटी मंत्रालय के मुताबिक, साइबर सुरक्षा से जुड़ी रियल टाइम जानकारी के लिए नेशनल साइबर कोर्डिनेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माण पर 985 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस परियोजना को अगले पांच साल में पूरा कर लिया जाएगा। इससे जुड़े पहले चरण का काम वर्ष 2017 के मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा।