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सेवा क्षेत्र में एक साल की बड़ी तेजी, लेकिन रोजगार अब भी सुस्त
Thu, 04 Mar 2021 07:15 AM IST
Kuldeep Singh
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 04 Mar 2021 07:15 AM IST
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भारतीय अर्थव्यवस्था
- फोटो : पीटीआई
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अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाले सेवा क्षेत्र में एक साल की सबसे बड़ी तेजी आई है। फरवरी में सेवा क्षेत्र का कारोबारी सूचकांक 55.3 पाया गया, जो जनवरी में 52.8 था। यह लगातार पांचवां महीना है जब सेवा क्षेत्र में गतिविधियाें में विस्तार हुआ है।
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कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने से लगातार पांचवें महीने बढ़ी सेवा क्षेत्र की गतिविधियां
आईएचएस मार्केट में मासिक रिपोर्ट में बताया कि बाजार में कारोबारी माहौल में सुधार और नए ऑर्डर मिलने से सेवा क्षेत्र में तेजी आई है। हालांकि कंपनियों की लागत और खर्च बढ़ने से रोजगार के मोर्चे पर चुनौतियां कायम हैं।
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कोविड-19 का टीकाकरण बढ़ने से कारोबारी भरोसा मजबूत हुआ और फरवरी में लगातार पांचवें महीने सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की कंपनियों को अब भी वैश्विक सेवाओं पर लगे प्रतिबंध का खामियाजा उठाना पड़ रहा है और निर्यात सुस्त बना हुआ है।
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फरवरी 2021 में निर्यात में गिरावट तो आई लेकिन यह मार्च 2020 के बाद सबसे कम रही पीएमआई का 50 से ऊपर रहना विस्तार और नीचे आना गिरावट को दर्शाता है।
निजी क्षेत्र का उत्पादन चार महीने के शीर्ष पर
आईएचएस मार्किट की सहायक निदेशक (अर्थशास्त्र) पोलिएना डी लीमा ने बताया कि निजी क्षेत्र का उत्पादन 4 महीने में सबसे तेज गति से बढ़ा है। फरवरी में उत्पादन व सेवा क्षेत्र का कम कंपोजिट पीएमआई 57.3 पहुंच गया, जो फरवरी में 55.8 था।
तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था के मंदी से बाहर आने के बाद मार्च तिमाही में और सुधार की उम्मीद है। नए व्यवसाय में वृद्धि के बावजूद रोजगार में कमी आई लेकिन चालू वित्त वर्ष के आखिरी महीने का व नए वित्त वर्ष से तेजी का अनुमान है।
महंगाई दर सात साल में सबसे तेज
ईंधन के दाम बढ़ने से फरवरी में माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है। इसका असर उत्पादन भी पड़ा है और कंपनियों की लागत 2013 के बाद सबसे तेजी से बढ़ी है। कई कंपनियों का मानना है कि कोविड-19 की पाबंदियों का श्रम आपूर्ति पर असर पड़ा है।
पोलिएना डी लीमा ने कहा, सेवा और विनिर्माण दोनों ही क्षेत्रों में रोजगार सुस्त रहा। यह आने वाले महीनों में घरेलू खपत पर असर डाल सकता है। हालांकि दोनों ही क्षेत्रों की क्षमताओं में विस्तार हो रहा है, जो बताता है कि रोजगार के मोर्चे पर सबसे अच्छे दिन आने वाले हैं।